
मेड़ता मंडी में सांकेतिक हड़ताल:सचिव पर लगे आरोप निराधार, निष्पक्ष जांच की मांग
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मेड़ता सिटी। कृषि उपज मंडी व्यापार एवं उद्योग संघ ने बुधवार को मेड़ता कृषि उपज मंडी में एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल का आयोजन किया। यह कदम मंडी सचिव पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के विरोध में उठाया गया। व्यापारियों ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शुल्क वृद्धि और व्यवस्थाओं पर अध्यक्ष का पक्ष
कृषि मंडी विकास सेवा समिति मेड़ता सिटी के अध्यक्ष ओमप्रकाश तेतरवाल ने बताया कि मंडी परिसर में व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं। उन्होंने इस वर्ष की पहली तिमाही में पिछले वर्ष की तुलना में मंडी शुल्क में हुई वृद्धि को रेखांकित किया। तेतरवाल के अनुसार, पिछले वर्ष जहां मंडी शुल्क करीब 5 करोड़ रुपए था, वहीं इस वर्ष यह बढ़कर 8 करोड़ रुपए हो गया है, जो मंडी सचिव के प्रयासों का परिणाम है।
हड़ताल का प्रभाव और ज्ञापन
इस सांकेतिक हड़ताल के चलते बुधवार को मेड़ता कृषि उपज मंडी में अनाज की ढेरी बोली का कार्य पूरी तरह ठप रहा और किसी भी प्रकार का लेनदेन नहीं हुआ। हड़ताल समाप्त होने के उपरांत, व्यापारियों ने उपखंड कार्यालय पहुंचकर उपखंड अधिकारी (एसडीएम) को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में उन्होंने मंडी सचिव पर लगाए गए आरोपों का विस्तृत विवरण देते हुए अपना पक्ष रखा और कहा कि मंडी में व्यवस्थाएं सामान्य हैं। व्यापारियों ने संयुक्त रूप से मांग की कि आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
हमारे मेड़ता संवाददाता के अनुसार, इस हड़ताल से मंडी के दैनिक कामकाज पर अल्पकालीन प्रभाव पड़ा, लेकिन व्यापारियों ने अपनी आवाज उठाने के लिए यह कदम उठाया।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।