
धोला: सरकारी जमीन पर लगे पट्टों पर विवाद, स्कूल निर्माण पर बड़ा सवाल
Posted on 30 जुलाई 2026
Listen News
Audio Summary
हमारे **नागौर** संवाददाता के अनुसार...
सरकारी जमीन के आवंटन में गंभीर अनियमितता का आरोप
जमवारामगढ़ उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत धोला में आबादी विस्तार की आड़ में एक बड़े भूमि घोटाले का मामला सामने आया है। आरोप है कि सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी ने उपखंड अधिकारी (SDM) के आदेशों की अवहेलना करते हुए महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय (अंग्रेजी माध्यम), तिबारा की ढाणी के लिए चिह्नित बेशकीमती सरकारी जमीन पर पट्टे जारी कर दिए।
SDM की शर्त दरकिनार, हस्तांतरणीय पट्टे जारी
शिकायतकर्ताओं, सुरेश चंद गुर्जर और दिनेश कुमार सामरिया के अनुसार, 24 जनवरी 2022 को एसडीएम जमवारामगढ़ ने राजस्व गांव धोला की खसरा नंबर 83 की 0.58 हेक्टेयर भूमि को आबादी विस्तार के लिए आरक्षित किया था। इस भूमि पर स्कूल निर्माण की ग्रामीणों की मांग को देखते हुए, एसडीएम ने दो बार तहसीलदार को स्कूल के नाम जमीन आवंटित करने के निर्देश भी दिए थे। महत्वपूर्ण बात यह है कि एसडीएम ने आवासीय पट्टे केवल 'अहस्तांतरणीय' (जिन्हें आगे बेचा न जा सके) रखने की शर्त लगाई थी। इसके बावजूद, पंचायत प्रशासन पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर हस्तांतरणीय पट्टे जारी कर दिए, जिसके बाद इन भूखंडों को ऊंची कीमतों पर बेच दिया गया।
नियमों की अनदेखी और रिकॉर्ड का अभाव
आरोप यह भी है कि पंचायत ने नियम 157 (1)(2) का हवाला देते हुए खाली जमीन पर 50 वर्ष पुराना कब्जा दर्शाकर पट्टे जारी कर दिए, जबकि पटवारी की रिपोर्ट में जमीन खाली और केवल आंशिक तारबंदी होना दर्ज था। शिकायत में कहा गया है कि जिन लोगों के नाम पट्टे जारी किए गए, उनके पहले से ही पक्के मकान बने हुए हैं। शुरुआत में जिन्हें डमी पट्टेदार बनाया गया था, उनके पास अब वे पट्टे भी नहीं हैं। आवंटन के बाद नियमों के विपरीत रजिस्ट्रियां कर जमीन बेच दी गई। अब स्कूल के लिए प्रस्तावित भूमि पर दुकानें बन रही हैं, जबकि पंचायत आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध कराने से कतरा रही है।
प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई का इंतजार
ग्रामीणों की शिकायत पर 19 अप्रैल 2023 को उप-तहसीलदार (ताला) ने इस भूमि का नामांतरण यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि राज्य सरकार की अनुमति के बिना भूमि का उपयोग नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद अवैध बिक्री और निर्माण जारी है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में एसडीएम जमवारामगढ़ ललित मीना ने कहा है कि यदि नियम और शर्तों के अनुसार पट्टे जारी नहीं किए गए हैं तो मामले की जांच कराई जाएगी।
मुख्य बिंदु:
- महात्मा गांधी स्कूल के लिए चिह्नित सरकारी जमीन पर पट्टे जारी।
- SDM की 'अहस्तांतरणीय' पट्टे की शर्त का उल्लंघन।
- हस्तांतरणीय पट्टे जारी कर भूखंडों की कथित बिक्री।
- ग्रामीणों की शिकायत पर नामांतरण खारिज, फिर भी निर्माण जारी।
- दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग।
📲 खबर पसंद आई?
अपने दोस्तों के साथ शेयर करें!

Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।