
नागौर में शिक्षकों की अनूठी पहल: सेवानिवृत्ति पर स्कूल को दी बड़ी सौगातें
Posted on 3 अगस्त 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, शिक्षा जगत में एक बार फिर शिक्षकों के सेवाभाव और समर्पण की मिसाल देखने को मिली है। नागौर जिले के विभिन्न विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों ने सेवानिवृत्ति के अवसर पर विद्यालय विकास के लिए जो सहयोग दिया है, वह पूरे शिक्षा विभाग के लिए एक प्रेरणा है।
शिक्षा विभाग में प्रेरणा का संचार
हाल ही में सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों ने अपने कार्यकाल की सुखद स्मृतियों को विद्यालय के प्रति अपने दायित्वों से जोड़ते हुए अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। सेतकोलू और गगचाना के उच्च माध्यमिक विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान न केवल शिक्षकों का सम्मान किया गया, बल्कि विद्यालय की भौतिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में भी उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
शिक्षकों द्वारा किए गए मुख्य कार्य:
- इन्वर्टर भेंट: सेतकोलू स्थित विद्यालय में शिक्षक सत्यनारायण नागर ने सेवानिवृत्ति पर स्कूल को इन्वर्टर भेंट किया, जिससे विद्यार्थियों को बिजली कटौती के दौरान भी पठन-पाठन में कोई समस्या न हो।
- कक्षा-कक्ष का कायाकल्प: गगचाना के वरिष्ठ शिक्षक रामस्वरूप साहू ने अपनी सेवा के 34 शानदार वर्ष पूरे करने पर 21 हजार रुपए की राशि व्यय कर विद्यालय के एक कक्षा-कक्ष की मरम्मत करवाई।
- पर्यावरण संरक्षण: विद्यालय में विकसित किए जा रहे गार्डन (बगीचे) के लिए साहू ने 5100 रुपए की अतिरिक्त सहयोग राशि भी प्रदान की।
अधिकारियों और समुदाय की उपस्थिति
गगचाना में आयोजित सम्मान समारोह में सीबीईओ (CBEO) विशेष रूप से उपस्थित रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य भीमराज मीणा ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों से न केवल सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिक का मनोबल बढ़ता है, बल्कि विद्यालय में कार्यरत अन्य साथियों और विद्यार्थियों के बीच भी संस्कार और सेवा की भावना प्रबल होती है। समारोह में एसडीएमसी (SDMC) सदस्यों, पीईईओ (PEEO) क्षेत्र के समस्त शिक्षकों, साहू परिवार के सदस्यों और विद्यालय के विद्यार्थियों ने भाग लेकर आभार व्यक्त किया।
शिक्षक समुदाय के लिए संदेश
यह घटनाएं शिक्षा विभाग के उन साथियों के लिए संदेश है जो सेवानिवृत्ति की दहलीज पर हैं। जयपुर सचिवालय और बीकानेर निदेशालय स्तर पर भी शिक्षकों द्वारा किए जा रहे इन व्यक्तिगत प्रयासों की सराहना की जाती है। विद्यालय के विकास में शिक्षक और समुदाय की भागीदारी 'शाला दर्पण' पोर्टल के माध्यम से भी दर्ज की जाती है, जो विद्यालय की ग्रेडिंग में सकारात्मक प्रभाव डालती है। हम आशा करते हैं कि भविष्य में भी नागौर के शिक्षक इसी प्रकार शिक्षण और विद्यालय विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखेंगे।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।