
नागौर: आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के सीएचओ के लिए नया डिजिटल ऐप, अब ऑनलाइन दर्ज होगी हाजिरी
Posted on 6 अगस्त 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, जिले में कार्यरत कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHO) की कार्यप्रणाली में अब पूरी तरह से पारदर्शिता लाई जा रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने स्वास्थ्य सेवाओं की मॉनिटरिंग को डिजिटल बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब सीएचओ को अपनी दैनिक उपस्थिति और कार्यों का विवरण एक विशेष 'सीएचओ सॉफ्ट' एप्लीकेशन के जरिए देना अनिवार्य होगा।
क्या है नई व्यवस्था?
चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा विकसित यह एप्लीकेशन 1 अगस्त 2026 से पूरे राजस्थान में लागू कर दिया गया है। इसके तहत अब परफॉर्मेंस बेस्ड इंसेंटिव का भुगतान पूरी तरह से ऐप में दर्ज आंकड़ों पर आधारित होगा। यदि कोई सीएचओ ऐप पर अपना डेटा दर्ज नहीं करता है, तो उसे मिलने वाले प्रोत्साहन राशि के भुगतान पर रोक लग सकती है।
काम का नया गणित: 4 मुख्य बिंदु
- डिजिटल हाजिरी अनिवार्य: अब कागजी फाइलों का दौर समाप्त हो गया है। सीएचओ को अपनी रोजाना की सर्विस डिलीवरी का पूरा डेटा ऐप पर अपलोड करना होगा।
- नो डेटा, नो इंसेंटिव: 1 सितंबर 2026 से परफॉर्मेंस बेस्ड इंसेंटिव का भुगतान केवल ऐप की ऑटो-कैलकुलेशन के आधार पर सीधे बैंक खातों में किया जाएगा।
- सख्त मॉनिटरिंग: 1 अगस्त से एएएम (AAM) पोर्टल और सीएचओ सॉफ्ट ऐप के माध्यम से सभी केंद्रों की कड़ी निगरानी शुरू हो चुकी है।
- पारदर्शी भुगतान प्रक्रिया: पूरी प्रक्रिया के ऑनलाइन होने से मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और भुगतान में देरी नहीं होगी।
अतिरिक्त मिशन निदेशक डॉ. टी. शुभमंगला द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, सभी सीएचओ का इस पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। विभाग का मानना है कि इस डिजिटल बदलाव से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और जमीनी स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय हो सकेगी।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


