
नागौर: 500 साल पुराने समाधि स्थल पर कचरे-अतिक्रमण का आरोप, नाथ समाज ने सौंपा ज्ञापन
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, जिले में करीब 500 वर्ष पुराने नाथ समाज के पवित्र समाधि स्थल पर अतिक्रमण और कचरा डंपिंग का आरोप लगाते हुए इसे तत्काल मुक्त कराने की मांग की गई है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर नाथ समाज के सदस्यों ने गुरुवार, 23 जुलाई 2026 को जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। समाज ने नगर परिषद पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है, जिसके कारण यह वर्षों पुराना धार्मिक स्थल अब कचरा डंपिंग यार्ड में तब्दील हो गया है, जिससे उनकी धार्मिक आस्थाओं को गहरा आघात पहुंचा है। यह समाधि स्थल दुलाया जड़ा तालाब के समीप स्थित है।
500 वर्षों से निवास कर रहा है गृहस्थ नाथ समाज
ज्ञापन में बताया गया कि गृहस्थ नाथ समाज पिछले लगभग 500 वर्षों से नागौर में निवास कर रहा है। समाज की सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार, साधु-संतों और गृहस्थों को सम्मानपूर्वक समाधि देने की प्रथा रही है। दुलाया जड़ा तालाब के पास स्थित यह भूमि वर्षों पहले समाज के पूर्वज मंगलनाथ द्वारा दान की गई थी और एक लंबी अवधि तक यह चारदीवारी से सुरक्षित थी, जो इसकी पवित्रता और ऐतिहासिक महत्व को बनाए रखती थी।
अतिक्रमण और नगर परिषद की अनदेखी
समाज के कार्यकर्ता हितेंद्र नाथ आर्य ने इस संबंध में बताया कि पिछले 10 से 15 वर्षों से इस पवित्र स्थल की लगातार उपेक्षा हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर परिषद और उसके ठेकेदार शहर का कचरा खुलेआम यहां डंप कर रहे हैं। इसके साथ ही, अतिक्रमणकारियों ने समाधि स्थल की चारदीवारी को भी काफी नुकसान पहुंचाया है। इस स्थिति के कारण, पूर्वजों की समाधियां गंदगी के ढेर के बीच आ गई हैं, जिससे इस पवित्र स्थल की गरिमा और शुद्धता पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
धार्मिक परंपराओं के निर्वहन में बाधा
समाज के सदस्यों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान हालात इतने बदतर हो गए हैं कि किसी बुजुर्ग के देवलोक गमन पर अंतिम संस्कार और समाधि के लिए पर्याप्त भूमि तक उपलब्ध नहीं हो पा रही है। चारों ओर फैली गंदगी और बढ़ते अतिक्रमण के कारण समाज को अपनी महत्वपूर्ण धार्मिक परंपराओं का सम्मानपूर्वक निर्वहन करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति न केवल उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचा रही है, बल्कि उनकी सांस्कृतिक पहचान के लिए भी एक गंभीर खतरा बन गई है।
पूर्व में भी की गई थीं शिकायतें, लेकिन समाधान नहीं
- नाथ समाज ने बताया कि इस गंभीर विषय पर उन्होंने पहले भी कई बार जिला प्रशासन और नगर परिषद को मौखिक और लिखित शिकायतें दी हैं।
- हालांकि, इन शिकायतों के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे स्थिति जस की तस बनी हुई है।
- ज्ञापन के माध्यम से, नाथ समाज ने जिला कलेक्टर से समाधि स्थल को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है।
- इसके अतिरिक्त, उन्होंने एक नई चारदीवारी का निर्माण करवाने और भूमि को गृहस्थ नाथ समाज को सुरक्षित रूप से सौंपने की अपील की है।
- समाज का कहना है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में समाज के लोगों को सम्मानपूर्वक समाधि दी जा सके और उनकी धार्मिक आस्थाओं का सम्मान हो।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।