
राजस्थान शिक्षा विभाग अपडेट: शिक्षकों को सिखाए जीवन कौशल के गुर, बच्चों का बदलेगा भविष्य
Posted on 7 अगस्त 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के विद्यालयों में कक्षा 6 से 10 तक के छात्रों के व्यक्तित्व विकास के लिए 'जीवन कौशल' शिक्षा को अब और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। हाल ही में आयोजित विशेष प्रशिक्षण सत्र में शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से लैस किया गया है, ताकि वे कक्षाओं में बच्चों को बेहतर तरीके से तराश सकें।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य
इस पहल का मूल उद्देश्य शिक्षकों को ऐसी तकनीकें सिखाना है जिनसे वे छात्रों के भीतर आत्मविश्वास, प्रभावी संवाद, निर्णय क्षमता, समस्या समाधान और सहयोगात्मक व्यवहार जैसे गुणों का विकास कर सकें। शिक्षा निदेशालय द्वारा इसे 'राइजिंग राजस्थान' परियोजना के तहत प्राथमिकता दी जा रही है।
शिक्षकों के लिए मुख्य बातें:
- कहानी आधारित शिक्षण: अब शिक्षकों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर कहानी-वाचन के माध्यम से सिखाना होगा।
- प्रभावी संवाद कौशल: आवाज का उतार-चढ़ाव, शारीरिक हाव-भाव और बोलने की गति पर विशेष ध्यान देने का अभ्यास कराया गया है।
- व्यावहारिक क्रियान्वयन: प्रशिक्षण में सीखी गई गतिविधियों को अब सभी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
- समूह गतिविधियाँ: कक्षा संचालन के दौरान 'एनर्जाइजर्स' और डेमो सत्रों का उपयोग करने को कहा गया है ताकि छात्र सक्रिय रहें।
क्या असर होगा शिक्षकों और छात्रों पर?
शिक्षकों को अब शिक्षक-नेतृत्व आधारित शिक्षण पद्धति अपनानी होगी। इसका मतलब यह है कि कक्षा में शिक्षक की भूमिका एक सुविधा प्रदाता (Facilitator) की होगी। बीकानेर निदेशालय और जयपुर सचिवालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, इस सत्र का मुख्य लक्ष्य स्कूलों में एक जीवंत वातावरण तैयार करना है। इससे छात्रों में न केवल शैक्षणिक सुधार होगा, बल्कि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए भी मानसिक रूप से तैयार हो सकेंगे।
आगामी दिनों में शाला दर्पण पोर्टल और विभागीय बैठकों के माध्यम से इसकी प्रगति की समीक्षा की जाएगी। सभी संस्था प्रधानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके विद्यालय में जीवन कौशल शिक्षा का संचालन समयबद्ध और प्रभावी तरीके से हो रहा हो।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।