
मेड़ता: जारोड़ा कलां में ईको-फेमिनिज्म के तहत पायलट पौधरोपण अभियान शुरू
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हमारे मेड़ता संवाददाता के अनुसार, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मेड़ता की सचिव स्वाति शर्मा के निर्देशन में बुधवार को जारोड़ा कलां में एक अनूठा पौधरोपण अभियान पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है। यह अभियान 'वन व बालिका वर्ष 2025: सृजन की सुरक्षा' के तहत चलाया जा रहा है, जो राजसमंद जिले के पिपलांत्री मॉडल से प्रेरित है। ईको-फेमिनिज्म की अवधारणा को केंद्र में रखते हुए, इस परियोजना का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ बालिकाओं के महत्व को रेखांकित करना है।
अभियान का उद्देश्य और प्रेरणा
इस पहल की मुख्य प्रेरणा राजसमंद जिले के पिपलांत्री गांव की वह सफल परियोजना है, जहाँ एक बेटी के जन्म पर 111 पेड़ लगाए जाते हैं। इसी तर्ज पर, जारोड़ा कलां में भी पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने और विशेष रूप से बालिकाओं के जन्म को एक शुभ अवसर के रूप में मनाने की दिशा में यह कदम उठाया गया है। ईको-फेमिनिज्म, जो पर्यावरण और नारीवाद के बीच संबंध को दर्शाता है, इस अभियान का मूल सिद्धांत है। इसका लक्ष्य प्रकृति और महिला शक्ति के बीच सामंजस्य स्थापित करना है।
पायलट प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं
- स्थान: जारोड़ा कलां (पायलट प्रोजेक्ट क्षेत्र)
- प्रेरणा स्रोत: पिपलांत्री मॉडल, राजसमंद
- मुख्य अवधारणा: ईको-फेमिनिज्म, 'वन व बालिका वर्ष 2025: सृजन की सुरक्षा'
- आयोजन: राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मेड़ता के तत्वावधान में।
- मुख्य लक्ष्य: पर्यावरण संरक्षण, बालिकाओं के प्रति सम्मान और जागरूकता बढ़ाना।
भविष्य की संभावनाएं
यह पायलट प्रोजेक्ट जारोड़ा कलां में सफल होने के बाद, मेड़ता तहसील और पूरे नागौर जिले में लागू किए जाने की संभावना है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव स्वाति शर्मा ने इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन पर जोर दिया है और स्थानीय समुदाय से इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की है। इस अभियान से न केवल हरियाली बढ़ेगी, बल्कि समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में भी मदद मिलेगी। यह कदम स्थानीय पर्यावरण और सामाजिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।