
नागौर: कॉलेज में गूंजा पर्यावरण संरक्षण का संदेश, छात्राओं ने बनाया 'ग्रीन कैंपस'
Posted on 31 जुलाई 2026
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हमारे **नागौर** संवाददाता के अनुसार, सनातन धर्म राजकीय कॉलेज में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। शुक्रवार को कॉलेज परिसर में छात्राओं और शिक्षकों ने मिलकर विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे, जिससे कॉलेज एक 'ग्रीन कैंपस' के रूप में विकसित हुआ है। यह कार्यक्रम महिला नीति, महिला प्रकोष्ठ और आईक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण पर भी जोर देना था।
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रेखा मंडोवरा ने वृक्षों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वृक्ष न केवल जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करते हैं, बल्कि भूजल स्तर को बढ़ाने और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डॉ. मंडोवरा ने छात्राओं से विशेष अवसरों, जैसे अपने जन्मदिन या परिवारजनों के जन्मदिन पर, कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। यह एक व्यक्तिगत जिम्मेदारी का भाव विकसित करेगा और पर्यावरण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा।
पौधारोपण के साथ संरक्षण पर भी जोर
कार्यक्रम में महिला नीति की संयोजक डॉ. वीना सोनी ने इस बात पर बल दिया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों का नियमित रूप से संरक्षण और देखभाल सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पौधारोपण का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब लगाए गए पौधे जीवित रहेंगे और बढ़कर पर्यावरण को समृद्ध करेंगे। इसी क्रम में, डॉ. अंजलि जयपाल ने पौधों की सिंचाई, उनकी सुरक्षा और उनके उचित संरक्षण के व्यावहारिक महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे छोटी-छोटी देखभाल से पौधों को जीवित रखा जा सकता है और उनके विकास को सुनिश्चित किया जा सकता है।
किन प्रजातियों के लगाए गए पौधे?
कॉलेज परिसर में विभिन्न प्रकार की प्रजातियों के पौधे लगाए गए, जिनमें शामिल हैं:
- नीम
- कचनार
- शीशम
- आम
- अमरूद
- अनार
- पपीता
- चमेली
- जूही
सभी छात्राओं और शिक्षकों ने न केवल पौधे लगाए, बल्कि उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प भी लिया। यह सामूहिक प्रयास कॉलेज को एक हरा-भरा और स्वस्थ वातावरण प्रदान करेगा।
आभार के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में, डॉ. दीपाली शर्मा ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों और उपस्थित छात्राओं का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए इस तरह के जन जागरूकता अभियानों को निरंतर जारी रखने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि समाज में पर्यावरण के प्रति अधिक संवेदनशीलता पैदा हो सके।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।