
नागौर: बीएलओ मानदेय भुगतान अटका, पूर्व प्राथमिक शिक्षक संघ ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, जिले में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) और पर्यवेक्षकों को पिछले कई महीनों से मानदेय का भुगतान नहीं मिल पाया है। इस गंभीर समस्या को लेकर पूर्व प्राथमिक शिक्षक संघ ने लामबंद होते हुए अतिरिक्त कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। संघ ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द बकाया भुगतान की प्रक्रिया शुरू करे ताकि कर्मचारियों को राहत मिल सके।
क्या है पूरा मामला?
संघ के प्रतिनिधियों के अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कार्य में बीएलओ ने निष्ठापूर्वक अपनी सेवाएं दी हैं। इसके बावजूद नागौर ब्लॉक के अंतर्गत काम करने वाले बीएलओ और पर्यवेक्षकों का भुगतान लंबे समय से लंबित पड़ा है। संघ का आरोप है कि प्रशासनिक सुस्ती के कारण कर्मचारियों के आर्थिक हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
लंबित भुगतान का विवरण
- प्रोत्साहन राशि: एसआईआर (SIR) के तहत प्रति बीएलओ देय 6,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि पिछले सात महीने से बकाया है।
- मासिक मानदेय: बूथ स्तर पर रविवार के दिन नाम जोड़ने व संशोधन के कार्य के लिए निर्धारित 1,000 रुपये प्रति माह का भुगतान भी अब तक प्राप्त नहीं हुआ है।
काम पर पड़ रहा असर
बीएलओ प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि लगातार मानदेय में देरी होने के कारण कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है और इसका सीधा असर सरकारी कामकाज पर पड़ रहा है। ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही भुगतान की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो आगामी कार्यों में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन की ओर से मामले को संज्ञान में लेते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।