
नागौर: पिछले दो महीने से एसपी की कुर्सी खाली, कानून व्यवस्था को लेकर बढ़ी चुनौतियां
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, प्रदेश के सबसे संवेदनशील जिलों में से एक नागौर में पिछले दो महीने से पुलिस अधीक्षक (एसपी) का पद रिक्त पड़ा है। जिले में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर गंभीर स्थिति बनी हुई है। 20 मई को तत्कालीन एसपी रोशन मीणा के तबादले के बाद से राज्य सरकार ने अब तक किसी नए अधिकारी की नियुक्ति नहीं की है।
प्रशासनिक व्यवस्था पर संकट
फिलहाल, जिले की पूरी जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) आशाराम चौधरी के कंधों पर है। चूँकि जिले में केवल एक ही एएसपी का पद है, उन पर विभागीय कार्यों और कानून व्यवस्था के दोहरे दबाव का बोझ है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि:
- अखिल भारतीय सेवा अधिनियम, 1951 के प्रावधानों के अनुसार जिले की कमान एक आईपीएस अधिकारी के पास होनी चाहिए, लेकिन फिलहाल आरपीएस स्तर के अधिकारी कार्यवाहक के रूप में कार्य कर रहे हैं।
- हाल ही में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के डेगाना दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए पड़ोसी जिले डीडवाना के एसपी को अतिरिक्त जिम्मेदारी देनी पड़ी थी।
- जिले में अवैध खनन, नशा तस्करी और अन्य अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए स्थायी पुलिस कप्तान की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
आमजन और महकमे पर असर
दैनिक कार्यों में भी बड़ी मुश्किलें आ रही हैं। रोजाना दूर-दराज से आने वाले परिवादी एसपी कार्यालय से खाली हाथ लौट रहे हैं। इसके अलावा, हाल ही में पुलिस विभाग में हुए बड़े पैमाने पर तबादलों की कार्यवाही भी एएसपी स्तर से ही की गई, जिसके चलते कई बार आदेशों में संशोधन भी करने पड़े।
जानकारों की राय
राजस्थान पुलिस अधिनियम 2007 की धारा 16 की उपधारा 2 के अनुसार, पुलिस बल के पर्यवेक्षण और निदेशन की शक्ति जिला पुलिस अधीक्षक में निहित होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि नागौर जैसे अतिसंवेदनशील जिले में कप्तान का न होना सीधे तौर पर जमीनी स्तर पर निगरानी और अपराध नियंत्रण को प्रभावित कर रहा है। यदि जल्द ही इस पद पर नियुक्ति नहीं की गई, तो जिला पुलिस प्रशासन की कार्यक्षमता पर और गहरा असर पड़ सकता है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।