
कुचामन ब्लॉक के स्कूलों का निरीक्षण: कक्षों की कमी एक बड़ा मुद्दा
Posted on 9 अगस्त 2026
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हमारे कुचामन संवाददाता के अनुसार, शुक्रवार को जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारम्भिक शिक्षा) रूपाराम पिण्डार ने कुचामन सिटी ब्लॉक के विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सुजानपुरा, आसलानी तलाई (चांदपुरा) और गोपालपुरा के राजकीय विद्यालयों का जायजा लिया गया।
निरीक्षण का उद्देश्य और प्रक्रिया
जिला शिक्षा अधिकारी रूपाराम पिण्डार ने बताया कि शिक्षा विभाग के निर्देशों के तहत, हर महीने 10 विद्यालयों का निरीक्षण किया जाता है, जिसमें 6 राजकीय और 4 निजी विद्यालय शामिल होते हैं। इस सम्बलन कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, आधारभूत सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का मूल्यांकन करना है। विभाग का लक्ष्य कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों में बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत करना है, साथ ही कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों में पढ़ने, समझने और धाराप्रवाह अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित करना है।
उकृष्ट कार्य कर रहे विद्यालय
पिण्डार ने इस बात पर जोर दिया कि नागौर जिले के कई विद्यालय नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने डीडवाना के शेखा बासनी विद्यालय का उदाहरण दिया, जहाँ कक्षा 8 के विद्यार्थी प्रभावी ढंग से अंग्रेजी बोल रहे हैं। इसके अतिरिक्त, लाडनूं के उच्च प्राथमिक विद्यालय लोढ़सर और दौलतपुरा विद्यालय भी निरीक्षण के दौरान उत्कृष्ट पाए गए।
सुजानपुरा विद्यालय की व्यवस्थाएं
निरीक्षण के पश्चात्, जिला शिक्षा अधिकारी ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सुजानपुरा की व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने बताया कि विद्यालय का कार्यालय सुव्यवस्थित है और कार्यवाहक प्राचार्य किस्तूरमल वर्मा का ग्रामीणों के साथ अच्छा समन्वय है। हालांकि, निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में कक्षों की कमी का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया, जिस पर विभाग द्वारा विचार किया जाएगा।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।