
डेगाना: नृसिंह बासनी स्कूल में शिक्षकों की कमी, विधायक किलक ने दिए त्वरित समाधान के निर्देश
Posted on 9 अगस्त 2026
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हमारे डेगाना संवाददाता के अनुसार, डेगाना तहसील के निकटवर्ती ग्राम नृसिंह बासनी स्थित राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षकों की गंभीर कमी के चलते शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। यह मामला क्षेत्र में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर रहा है। बच्चों के भविष्य को देखते हुए ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक से हस्तक्षेप की मांग की है, जिस पर विधायक ने तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
शिक्षकों की भारी कमी बनी चिंता का विषय
नृसिंह बासनी का यह सरकारी स्कूल पहली से लेकर बारहवीं कक्षा तक संचालित होता है, जिसमें कुल 12 कक्षाएं हैं। हालांकि, इन सभी कक्षाओं के लिए शिक्षण कार्य संभालने हेतु केवल 6 शिक्षक ही उपलब्ध हैं। यह अनुपात स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि छात्रों पर पढ़ाई का कितना बोझ पड़ रहा है और शिक्षकों के लिए भी सभी कक्षाओं को समान रूप से समय देना कितना चुनौतीपूर्ण है। ग्रामीण लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे हैं, जिसका सीधा असर उनके बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
प्रमुख विषयों में शिक्षकों का अभाव
ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में बताया कि स्कूल में गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, सामाजिक विज्ञान और शारीरिक शिक्षा जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक लंबे समय से अनुपस्थित हैं। इन विषयों की पढ़ाई बाधित होने से विशेष रूप से 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है, क्योंकि ये बोर्ड कक्षाएं होती हैं और इनमें अच्छे अंक प्राप्त करना उनके आगे की शिक्षा और करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। एक छात्र के सर्वांगीण विकास के लिए शारीरिक शिक्षा भी उतनी ही आवश्यक है, जिसका अभाव छात्रों के स्वास्थ्य और खेलकूद गतिविधियों पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है।
ग्रामीणों का सराहनीय प्रयास, फिर भी समस्या बरकरार
पिछले वर्ष भी शिक्षकों की कमी के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई थी, तब ग्रामीणों ने स्वयं के स्तर पर पहल करते हुए राशि एकत्रित की थी। उन्होंने अपने खर्च पर वैकल्पिक शिक्षकों की व्यवस्था की थी ताकि उनके बच्चों की शिक्षा में कोई व्यवधान न आए। यह ग्रामीणों के शिक्षा के प्रति समर्पण और अपने बच्चों के भविष्य के लिए उनकी चिंता को दर्शाता है। हालांकि, इस साल भी यह समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है, जिससे ग्रामीण हताश हैं और स्थायी समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।
विधायक की त्वरित कार्रवाई और उच्च स्तरीय आश्वासन
शिक्षकों की इस गंभीर कमी को लेकर नृसिंह बासनी के ग्रामीणों ने डेगाना विधायक श्री अजयसिंह किलक को एक प्रार्थना पत्र सौंपा। ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद विधायक किलक ने इसे एक गंभीर मामला बताया। उन्होंने तत्काल प्रभाव से ब्लॉक शिक्षा अधिकारी से दूरभाष पर बात की और स्कूल में जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था के तहत शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति करने के निर्देश दिए।
विधायक किलक ने ग्रामीणों को यह भी आश्वस्त किया कि वे इस मामले को जयपुर सचिवालय और शिक्षा निदेशालय बीकानेर के उच्च स्तर पर भी उठाएंगे ताकि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को ऐसे स्कूलों का शीघ्र निरीक्षण करने के निर्देश दिए, जहाँ छात्रों की संख्या कम होने के बावजूद शिक्षकों की संख्या अधिक है। विधायक ने कहा कि ऐसे स्कूलों को चिन्हित कर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए और वहां से अतिरिक्त शिक्षकों को उन स्कूलों में स्थानांतरित किया जाए, जहाँ शिक्षकों की भारी कमी है। इस तरह के 'टीचर रैशनलाइजेशन' से संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा और सभी स्कूलों में पर्याप्त स्टाफ सुनिश्चित किया जा सकेगा।
हमारी टीम की प्रतिबद्धता
डेली ढिंढोरा की टीम इस महत्वपूर्ण शैक्षिक मुद्दे पर लगातार नजर रखे हुए है। हम नृसिंह बासनी के छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त करते हैं कि हम इस मामले में हो रही प्रगति पर बारीकी से नज़र रखेंगे और शिक्षकों की कमी के समाधान तक अपनी रिपोर्टिंग जारी रखेंगे। हमारी प्रतिबद्धता है कि नागौर जिले में हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार मिले।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।