
खींवसर में 60 MM बारिश से किसानों के चेहरे खिले, खरीफ फसलों को मिला जीवनदान
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जिले में पिछले कई दिनों से जारी गर्मी और उमस के बीच रविवार सुबह मौसम ने करवट ली। जिला मुख्यालय नागौर सहित आसपास के क्षेत्रों में बारिश होने से मौसम खुशनुमा हो गया। सुबह हुई बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। वहीं, हमारे खींवसर संवाददाता के अनुसार, उपखंड मुख्यालय सहित आसपास के गांवों में अच्छी बारिश होने से किसानों को सबसे बड़ी राहत मिली है। शनिवार शाम हुई बारिश को किसान खरीफ फसलों के लिए जीवनदान मान रहे हैं। लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे किसानों की चिंता बारिश की कमी के कारण बढ़ रही थी। खेतों में नमी कम होने से कई जगह बाजरा, मूंग सहित अन्य खरीफ फसलों पर असर पड़ने लगा था। ऐसे में हुई बारिश से फसलों को नई नमी मिलने की उम्मीद है।
खींवसर में सबसे ज्यादा 60 MM बारिश दर्ज
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 9 अगस्त को खींवसर में सबसे ज्यादा 60 MM बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा नागौर में 3 MM, जायल में 2 MM और डेगाना में 1 MM बारिश रिकॉर्ड हुई। खींवसर क्षेत्र में शनिवार शाम हुई तेज बारिश के बाद रविवार सुबह से मौसम सुहाना बना हुआ है। रह-रहकर हो रही हल्की बूंदाबांदी और सावन की झड़ी से क्षेत्र में ठंडक घुल गई है। ग्रामीण इलाकों में बारिश के बाद सड़कों और खेतों में भी पानी नजर आया।
बारिश की कमी से खरीफ फसलों पर पड़ रहा था असर
इस बार सावन के दौरान जिले में बारिश सामान्य के मुकाबले कम रहने से किसानों की चिंता बढ़ी हुई है। खरीफ सीजन में अच्छी बारिश नहीं होने से खेतों की नमी लगातार कम हो रही थी। कई जगह फसलों की बढ़वार प्रभावित होने लगी थी। खासकर बारिश पर निर्भर किसानों को आने वाले दिनों में अच्छी बारिश का इंतजार है।
किसानों की नजर अब आने वाले दिनों की बारिश पर
शनिवार शाम खींवसर क्षेत्र में हुई बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है। किसानों का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहता है तो खरीफ फसलों को काफी फायदा होगा। वहीं, बारिश नहीं होने की स्थिति में फसलों पर संकट और बढ़ सकता है। फिलहाल हुई बारिश ने किसानों को तत्काल राहत जरूर दी है, लेकिन खरीफ फसलों के लिए आगामी दिनों में भी अच्छी बारिश जरूरी है। किसानों की नजर अब मौसम के अगले दौर पर टिकी है। लगातार बारिश होने पर फसलों की स्थिति सुधरने की उम्मीद है, जबकि लंबा सूखा पड़ने पर खरीफ उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।