
मेड़ता: 11 साल बाद डांगावास खूनी संघर्ष केस में बड़ा फैसला, सभी 40 आरोपी बरी
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हमारे मेड़ता संवाददाता के अनुसार, डांगावास में 11 साल पूर्व हुए चर्चित खूनी संघर्ष मामले में आखिरकार अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। इस वीभत्स घटनाक्रम में पांच दलितों सहित कुल 6 लोगों की हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए न्यायालय ने सभी 40 आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है। इस निर्णय के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
लंबी कानूनी प्रक्रिया का अंत
यह मामला पिछले एक दशक से अधिक समय से न्याय प्रणाली और पीड़ित परिवारों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ था। घटना की गंभीरता को देखते हुए बाद में इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। सीबीआई ने लंबी पड़ताल के बाद इस मामले में विस्तृत आरोप पत्र दाखिल किया था।
मामले से जुड़ी मुख्य बातें
- सीबीआई की जांच: सीबीआई ने मामले में 40 लोगों को आरोपी मानते हुए उनके खिलाफ चालान पेश किया था।
- लगे थे गंभीर आरोप: आरोपियों पर हत्या, हत्या की साजिश रचने और एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम सहित विभिन्न संगीन धाराओं में आरोप तय किए गए थे।
- साक्ष्यों का अभाव: कोर्ट द्वारा सभी 40 आरोपियों को बरी करने के पीछे साक्ष्यों के अभाव और अभियोजन पक्ष द्वारा आरोपों को पूरी तरह सिद्ध न कर पाना मुख्य कारण माना जा रहा है।
- घटना का इतिहास: डांगावास में हुई इस घटना ने पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी थी, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक न्याय को लेकर बड़े सवाल खड़े हुए थे।
अदालत के इस फैसले के बाद अब पीड़ित पक्ष और कानूनविदों की नजरें फैसले की विस्तृत प्रति पर टिकी हैं। स्थानीय प्रशासन ने फैसले के मद्देनजर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बरती है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।