
नागौर: स्टोन माइंस में ट्रैक्टर-ट्रॉली को वे-ब्रिज ऑटोमेशन में शामिल करने की मांग
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, खनिज क्षेत्र में कार्यरत लीज धारकों को बड़ी राहत देने की मांग जोर पकड़ती जा रही है। नोखा चांदावता स्थित मेशनरी स्टोन माइन्स में खनिजों के परिवहन के लिए उपयोग में आने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को वे-ब्रिज ऑटोमेशन व्यवस्था के दायरे में शामिल करने की मांग उठाई गई है। इस संबंध में एक प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है।
प्रमुख मांगें और वस्तुस्थिति
क्षेत्रीय प्रतिनिधियों का तर्क है कि वर्तमान में लागू व्यवस्था से लीज धारकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मांग के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
- खनिज परिवहन में प्रयुक्त ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को अनिवार्य रूप से वे-ब्रिज ऑटोमेशन सिस्टम से जोड़ा जाए।
- इससे खनिज निकासी और रॉयल्टी भुगतान में पारदर्शिता आएगी, जिससे लीज धारकों को अनावश्यक विवादों से मुक्ति मिलेगी।
- आधुनिक तकनीकी व्यवस्था लागू होने से कार्यप्रणाली में सरलता आएगी और अवैध परिवहन पर भी प्रभावी अंकुश लग सकेगा।
- प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया है कि यदि इस तकनीकी सुधार को शीघ्र लागू किया जाता है, तो स्थानीय स्तर पर खनिज व्यवसाय से जुड़े सैकड़ों छोटे उद्यमियों को बड़ा लाभ होगा।
प्रतिनिधिमंडल ने की चर्चा
भाजपा मंडल अध्यक्ष के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे-ब्रिज ऑटोमेशन को लेकर जो तकनीकी जटिलताएं आ रही हैं, उनका तुरंत समाधान किया जाए। क्षेत्र के खनन व्यवसायियों का कहना है कि वे नियम कायदों का पालन करने के लिए तैयार हैं, बशर्ते सरकारी प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाया जाए। हमारी टीम इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और आगामी कार्रवाई की जानकारी पाठकों को जल्द दी जाएगी।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।