
नागौर: छह गांवों की जमीन अधिग्रहण के खिलाफ 236 दिन से जारी किसानों का प्रदर्शन
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, जिले के छह गांवों की उपजाऊ कृषि भूमि के प्रस्तावित अधिग्रहण के खिलाफ किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। किसान संघर्ष सेवा समिति के बैनर तले एकत्रित हुए किसानों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस अधिग्रहण और सर्वे की प्रक्रिया को तुरंत प्रभाव से रोकने की मांग की है।
236 दिनों से जारी है संघर्ष
किसानों ने स्पष्ट किया कि वे पिछले 236 दिनों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि राजस्थान सरकार के खान एवं पेट्रोलियम विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के खिलाफ उनकी आवाज को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। इतनी लंबी अवधि बीत जाने के बाद भी सरकार द्वारा कोई ठोस निर्णय न लेना किसानों के धैर्य की परीक्षा ले रहा है।
प्रभावित गांवों की स्थिति
इस प्रस्तावित अधिग्रहण में मुख्य रूप से निम्नलिखित छह गांवों की खातेदारी भूमि शामिल है:
- भदवासी
- गठीलासर
- मकौड़ी
- पिलनवासी
- ठाकोरिया
- बालासर
किसानों का कहना है कि ये जमीनें उनके परिवारों के भरण-पोषण और आजीविका का एकमात्र साधन हैं। इनके छिन जाने से वे पूरी तरह बेरोजगार और बेसहारा हो जाएंगे।
सर्वेक्षण का पुरजोर विरोध
प्रदर्शनकारी किसानों ने चेतावनी दी है कि बिना उनकी लिखित सहमति के किसी भी कंपनी या सरकारी प्रतिनिधि को गांवों में घुसकर सर्वे या भूमि मापन की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने जबरन कार्रवाई की, तो इसके परिणाम गंभीर होंगे और क्षेत्र की कानून-व्यवस्था बिगड़ने की पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।
भविष्य की रणनीति
किसान संघर्ष सेवा समिति के पदाधिकारियों ने साफ कर दिया है कि वे अपनी जमीन बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। ज्ञापन पर बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों और किसानों के हस्ताक्षर हैं। समिति ने मांग की है कि विवादित अधिसूचना को तत्काल निरस्त किया जाए, अन्यथा आने वाले दिनों में आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।