
NEET-JEE पेपर लीक पर कार्रवाई की मांग, आजाद समाज पार्टी ने सौंपा ज्ञापन
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नागौर। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने NEET और JEE जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पार्टी के जिलाध्यक्ष राम पंवार मेघवंशी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को अतिरिक्त जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
परीक्षा सुरक्षा और पारदर्शिता पर जोर
ज्ञापन के माध्यम से पार्टी ने देश भर में आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की वकालत की है। हाल के दिनों में NEET और JEE परीक्षाओं को लेकर उठे विवादों के मद्देनजर, पार्टी ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक गिरोह के खिलाफ त्वरित व प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
जिम्मेदारी तय करने और मुआवज़े की मांग
राम पंवार मेघवंशी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि परीक्षा व्यवस्था में हो रहे सवाल-जवाब के मद्देनजर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि आंदोलन के दौरान अपनी जान गंवाने वाले प्रत्येक छात्र के परिवार को 1 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग
ज्ञापन में संसद में पेपर लीक के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराने, आंदोलन में शामिल छात्रों पर किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई न करने की मांग की गई। साथ ही, छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस द्वारा की गई कथित अशोभनीय और अमर्यादित कार्रवाई की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पार्टी ने सादी वर्दी में मौजूद व्यक्तियों की पहचान सार्वजनिक करने, उनके द्वारा पुलिस के उपकरणों का इस्तेमाल करने के आरोपों की जांच, आंसू गैस के गोले के प्रयोग की जांच और प्रदर्शन स्थल पर क्षतिग्रस्त वाहनों तथा कथित तौर पर पत्थरों से भरे ट्रकों की जांच कराने की भी मांग की है। पुलिसकर्मियों के पास कथित रूप से मौजूद लाठियों के प्रयोग की जांच कर जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में पुलिस व सुरक्षा बलों के जवानों की वर्दी पर नेम प्लेट अनिवार्य करने की मांग भी उठाई गई है।
प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर नौ सूत्रीय मांगें
पार्टी ने NEET UG, JEE Main समेत सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, सरकारी भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं का शुल्क समाप्त करने, महिला अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र गृह जनपद में और पुरुष अभ्यर्थियों के गृह अथवा नजदीकी जनपद में निर्धारित करने की मांग रखी गई।
- पेपर लीक और भर्ती घोटाले के दोषियों के खिलाफ कठोर व समयबद्ध दंड।
- सभी विभागों के रिक्त पदों पर निर्धारित समय-सीमा में भर्ती पूरी करना।
- राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी करना।
- भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करना।
- प्रतियोगी परीक्षाओं में नॉर्मलाइजेशन प्रणाली समाप्त करना।
- जिन परीक्षाओं में स्कोर कार्ड जारी नहीं होते, उनमें परिणाम के साथ प्रत्येक अभ्यर्थी का प्राप्तांक सार्वजनिक करना।
पार्टी का मानना है कि इन मांगों को पूरा करने से प्रतियोगी परीक्षाओं की पवित्रता बनी रहेगी और योग्य अभ्यर्थियों को न्याय मिलेगा।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।