
अल्पसंख्यक विद्यालय नागौर बना हरियाली का मिसाल, 150 पौधे रोपे
Listen News
Audio Summary
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार... गुरुवार को राजकीय अल्पसंख्यक बालक आवासीय विद्यालय परिसर में 150 से अधिक फलदार और छायादार पौधे रोपे गए। इस पहल को 'हरयाळोराजस्थान' अभियान के तहत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उन्हें पेड़ बनने तक सुरक्षित रखने का संकल्प लेना भी था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला कलक्टर देवेन्द्र कुमार ने विद्यार्थियों के साथ मिलकर स्वयं पौधे लगाए। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पौधे लगाना पहला कदम है, लेकिन उनकी निरंतर देखभाल कर उन्हें जीवित रखना हमारी वास्तविक जिम्मेदारी है। जिला कलक्टर ने विद्यार्थियों को सफलता के लिए परिश्रम और अनुशासन का पाठ भी पढ़ाया।
कार्यक्रम में कई गणमान्य हस्तियों की उपस्थिति
इस अवसर पर जिला मुख्यालय पर बीकानेर रोड स्थित मेडिकल कॉलेज के पीछे आयोजित इस कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इनमें एसडीएम गोविन्दसिंह भींचर, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी गोपाल जीनगर, जिला शिक्षा अधिकारी अनोज भारद्वाज, मिर्धा कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. शंकरलाल जाखड़, नर्सिंग कॉलेज के प्रधानाचार्य खेमाराम लॉयल, डाइट के प्राचार्य पृथ्वीसिंह चारण सहित विभिन्न अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और पर्यावरण प्रेमी शामिल थे।
पौधों की सुरक्षा और सिंचाई की विशेष व्यवस्था
कार्यक्रम की सबसे सराहनीय बात यह रही कि रोपे गए पौधों की सुरक्षा और उनके नियमित सिंचन के लिए विशेष प्रबंध किए गए।
- पौधों की सुरक्षा के लिए चारदीवारी के बाहर लगाए गए पौधों के चारों ओर पत्थर की पट्टियां रोपकर लोहे की जाली और तारबंदी की गई।
- नियमित सिंचाई के लिए पाइपलाइन के जरिए बूंद-बूंद पानी पहुंचाने की व्यवस्था की गई, जिससे पौधों के जीवित रहने की संभावना बढ़ गई।
- नीम, पीपल, शीशम, करंज, जामुन, शहतूत, बेल, पाम सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए।
- विद्यालय परिवार को 200 से अधिक अतिरिक्त पौधे भी उपलब्ध कराए गए, ताकि परिसर के अन्य हिस्सों में भी हरियाली बढ़ाई जा सके।
सामुदायिक सहयोग से सफल हुआ अभियान
इस अभियान की सफलता में समाज के दानदाताओं और स्वयंसेवकों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। दाल व्यवसायी भूराराम डेलू, हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ डॉ. कैलाश खोजा तथा फिजिशियन डॉ. सुरेश बिश्नोई ने आर्थिक सहयोग प्रदान किया। कांकरिया स्कूल के व्याख्याता धनराज खोजा ने गड्ढे खुदवाने, पौधों की व्यवस्था करने और सुरक्षा के लिए जाली लगाने की जिम्मेदारी संभाली। अल्पसंख्यक बालक आवासीय विद्यालय के साथ-साथ नागौर नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थी एवं शिक्षक, अधीक्षण अभियंता हरिराम फिड़ौदा, डॉ. मूलाराम जांगू, डॉ. शंकरराम पूनिया, सामाजिक कार्यकर्ता रामप्रकाश बिशु, इमरान खान, फिरोज खान आदि ने भी पौधरोपण में सक्रिय सहयोग दिया।
स्थायी स्वरूप देने का प्रयास
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी गोपाल जीनगर ने इस कार्यक्रम को केवल एक औपचारिकता न बताते हुए कहा कि विद्यालय परिवार इन पौधों की नियमित देखभाल करेगा, जिससे अगले वर्ष सभी पौधे जीवित मिलेंगे। व्याख्याता धनराज खोजा ने बताया कि पिछले दो वर्षों में विद्यालय परिसर में सैकड़ों पौधे लगाए जा चुके हैं और 100 अनार के पौधों का एक बगीचा भी विकसित किया गया है। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उनके इस योगदान के लिए जिला कलक्टर ने उन्हें साफा पहनाकर सम्मानित भी किया।
📲 खबर पसंद आई?
अपने दोस्तों के साथ शेयर करें!

Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।