
नागौर में 2 से 4 अगस्त तक बारिश का अलर्ट, खरीफ फसलों पर मंडराया संकट
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नागौर जिले में पिछले कई दिनों से जारी गर्मी और उमस के दौर के बीच लोगों को जल्द ही राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने आगामी 31 जुलाई से 2 अगस्त तक जिले के विभिन्न हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना जताई है। इस बीच, वर्तमान में खरीफ फसलों पर बारिश की कमी का असर दिखने लगा है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
गर्मी और उमस से मिली राहत की उम्मीद
मंगलवार को जिले में मौसम साफ रहा, दिनभर तेज धूप और उमस ने लोगों को परेशान किया। हालांकि, मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले कुछ दिनों में स्थिति बदल सकती है। गुरुवार को जिले के कुछ हिस्सों में तेज बौछारें पड़ सकती हैं, जिससे तापमान में गिरावट आने और गर्मी से निजात मिलने की उम्मीद है।
बारिश की गतिविधियों का पूर्वानुमान
- 30 जुलाई (गुरुवार): जिले के कुछ हिस्सों में तेज बारिश की संभावना।
- 31 जुलाई से 2 अगस्त: बारिश की गतिविधियां और बढ़ने की उम्मीद, मध्यम से तेज बौछारों की संभावना।
बारिश में देरी का फसलों पर प्रभाव
वर्तमान में बारिश की कमी का सीधा असर जिले की खरीफ फसलों पर पड़ रहा है। खेतों में नमी की कमी के कारण बाजरा, मूंग, ग्वार और ज्वार जैसी महत्वपूर्ण फसलों की बढ़वार प्रभावित हो रही है। जिन खेतों में बुवाई के बाद पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, वहां पौधों में पानी की कमी साफ दिखाई देने लगी है।
मूंग, बाजरा और ग्वार की फसलें सबसे अधिक प्रभावित
विशेष रूप से मूंग और बाजरा जैसी फसलों के लिए समय पर बारिश अत्यंत आवश्यक होती है। बारिश के अंतराल में वृद्धि होने से इन पौधों की वृद्धि रुक सकती है, जिसका सीधा असर पैदावार पर पड़ेगा। इसी प्रकार, ग्वार की फसल को भी पर्याप्त नमी नहीं मिल पा रही है, जिससे इसके विकास पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
किसानों को अच्छी बारिश का इंतजार
किसानों को अब आगामी दिनों में होने वाली बारिश का बेसब्री से इंतजार है। यदि 31 जुलाई से 2 अगस्त के बीच अच्छी और पर्याप्त बारिश होती है, तो खेतों में नमी का स्तर बढ़ेगा। इससे खरीफ फसलों की बढ़वार को गति मिलेगी और बारिश की देरी से किसानों की जो चिंताएं बढ़ी हैं, उनमें कमी आएगी।
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार...
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।