
राजस्थान में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा: छात्रों को मिलेगी संसद लाइब्रेरी तक पहुंच
Posted on 8 अगस्त 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, राजस्थान में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। हाल ही में, बूंदी में आयोजित एक कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया। यह पहल राज्य भर के छात्रों के लिए आधुनिक शिक्षण संसाधनों तक पहुँच सुनिश्चित करेगी, जिससे उनकी शिक्षा में एक नई क्रांति आने की उम्मीद है।
बूंदी में आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी का ऐलान
बिरला ने राजकीय पुस्तकालय को 1 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण डिजिटल लाइब्रेरी के रूप में विकसित करने की घोषणा की है। यह लाइब्रेरी सभी विषयों की ऑनलाइन सामग्री, संसद की लाइब्रेरी और प्रमुख ऑनलाइन कोचिंग प्लेटफॉर्म्स तक पहुँच प्रदान करेगी। शिक्षा निदेशालय, बीकानेर और जयपुर सचिवालय को भी राज्य भर में ऐसी सुविधाओं के विस्तार पर विचार करना चाहिए ताकि दूर-दराज के क्षेत्रों के छात्र भी इसका लाभ उठा सकें। यह कदम 'डिजिटल इंडिया' अभियान के तहत शिक्षा को तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण शिक्षा पर जोर
कार्यक्रम के दौरान 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण भी किया गया। बिरला ने जलवायु परिवर्तन को दुनिया की सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने और अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पेड़ों को लगाने के बाद उनकी देखभाल करना और उन्हें बड़ा होने तक सहेजना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। राजस्थान सरकार का इस वर्ष 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य है, जिसमें बूंदी जिले में अब तक 11 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। शिक्षा विभाग को इस अभियान को स्कूली पाठ्यक्रम और गतिविधियों का अभिन्न अंग बनाना चाहिए ताकि युवा पीढ़ी में पर्यावरण चेतना विकसित हो सके।
- डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता: छात्रों को सभी विषयों की ऑनलाइन सामग्री, संसद की लाइब्रेरी और विभिन्न ऑनलाइन कोचिंग प्लेटफॉर्म्स का एक्सेस मिलेगा।
- पर्यावरण संरक्षण का संदेश: 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और पौधारोपण को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास।
- छात्रों को संसद भ्रमण का अवसर: बिरला ने छात्रों को संसद भ्रमण कराने का आश्वासन दिया, जिससे उन्हें देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को करीब से समझने का मौका मिलेगा।
- फलदार पौधों का वितरण: किसानों को निःशुल्क फलदार पौधे वितरित किए गए, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरण दोनों के लिए लाभकारी हैं।
छात्रों के भविष्य को संवारने की पहल
बिरला ने छात्रों से संवाद करते हुए उन्हें महान व्यक्तियों की जीवनियां पढ़ने और कठिनाइयों से न घबराते हुए अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह भी बताया कि बूंदी के खेल संकुल को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है, जो छात्रों को खेलों में आगे बढ़ने में मदद करेगा। हमारी टीम का मानना है कि इस तरह की पहलें न केवल छात्रों को अत्याधुनिक शिक्षा प्रदान करेंगी बल्कि उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने में भी सहायक होंगी। जयपुर सचिवालय और शिक्षा निदेशालय को इस मॉडल को अन्य जिलों में भी लागू करने पर विचार करना चाहिए, खासकर नागौर जैसे जिलों में जहाँ डिजिटल शिक्षा की आवश्यकता तीव्र है। यह सुनिश्चित करेगा कि राजस्थान का प्रत्येक छात्र, चाहे वह कहीं भी रहता हो, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अवसरों से वंचित न रहे।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।