
नागौर: आरएसएमएमएल के प्रस्तावित खनन और भूमि अधिग्रहण के खिलाफ किसानों का आंदोलन तेज
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, जिले के विभिन्न गांवों में आरएसएमएमएल (RSMML) द्वारा प्रस्तावित खनन परियोजना और भूमि अधिग्रहण के खिलाफ किसानों का आक्रोश गहराता जा रहा है। भदवासी, गंडीलासर, मकोड़ी, पिलनवासी, ढाकोरिया और बालासर गांवों के प्रभावित किसान पिछले काफी समय से अपनी उपजाऊ कृषि भूमि को बचाने के लिए लामबंद हैं।
236 दिनों से जारी है संघर्ष
किसान संघर्ष सेवा समिति के बैनर तले किसान पिछले 236 दिनों से लगातार धरने पर बैठे हैं। अपनी मांगों को मजबूती से रखने के लिए समिति के प्रतिनिधियों ने गुरुवार को अतिरिक्त जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें सरकार द्वारा जारी खनन संबंधी अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की गई है।
किसानों की प्रमुख चेतावनी और शर्तें:
- सर्वेक्षण का विरोध: किसानों ने स्पष्ट किया है कि उनकी सहमति के बिना किसी भी सरकारी अधिकारी या कंपनी प्रतिनिधि को खेतों में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
- अधिग्रहण पर रोक: सरकार से मांग की गई है कि क्षेत्र में प्रस्तावित सर्वे और अधिग्रहण की कार्रवाई को तुरंत रोका जाए।
- जिम्मेदारी प्रशासन की: समिति ने चेतावनी दी है कि यदि जबरन सर्वे या कब्जा करने का प्रयास किया गया और कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न हुई, तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित खनन कंपनी की होगी।
किसान नेताओं का कहना है कि उनकी आजीविका पूरी तरह से कृषि पर निर्भर है और वे किसी भी कीमत पर अपनी पुश्तैनी जमीन छिनने नहीं देंगे। प्रशासन की ओर से अभी तक इस पर कोई ठोस समाधान नहीं मिलने से किसानों में भारी रोष व्याप्त है। आगामी दिनों में आंदोलन को और अधिक उग्र करने की चेतावनी भी दी गई है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।