
नागौर में दिव्यांग शिक्षक से 80 लाख की ठगी: शादी का झांसा देकर लूटे रुपए, 3 गिरफ्तार
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, जिले में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ एक दिव्यांग शिक्षक को शादी का झांसा देकर तीन वर्षों में करीब 80 लाख रुपये ठग लिए गए। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। पीड़ित शिक्षक ने 31 जुलाई को गोटन थाने में इस संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद यह पूरा खुलासा हुआ है।
हमारी टीम द्वारा की गई पड़ताल के अनुसार, यह ठगी का सिलसिला वर्ष 2023 में सोशल मीडिया के माध्यम से शुरू हुआ था। उस समय पीड़ित शिक्षक की पहचान अंजू चौधरी नाम बताने वाली एक युवती से हुई थी। बातचीत बढ़ने के साथ ही युवती ने शिक्षक से शादी करने की इच्छा व्यक्त की, और यहाँ तक कि शिक्षक के दिव्यांग होने के बावजूद रिश्ता स्वीकार करने की बात कहकर उसका पूरा विश्वास जीत लिया।
विश्वास का खेल और लगातार पैसों की मांग
विश्वास स्थापित होने के बाद, ठगों ने धीरे-धीरे पैसों की मांग करना शुरू कर दिया। शुरुआत में 300 रुपये जैसी छोटी रकम की मदद माँगी गई। इसके बाद, युवती ने अपनी माँ की बीमारी, खुद के इलाज, गंभीर आर्थिक संकट और यहाँ तक कि अपनी जमीन बेचकर जल्द ही सारे पैसे लौटाने का झूठा भरोसा देकर, अलग-अलग किश्तों में बड़ी रकम ऐंठती रही। जब शिक्षक ने पैसे देने से इनकार करने का प्रयास किया, तो उसे झूठे मुकदमे में फँसाने की धमकी भी दी गई, जिससे वह डरकर पैसे देता रहा।
दोस्तों से उधार और पर्सनल लोन तक लिया
शादी के झूठे सपने में फँसे इस शिक्षक ने अपनी जीवन भर की गाढ़ी कमाई के साथ-साथ दोस्तों और रिश्तेदारों से उधार लिया, बैंक से पर्सनल लोन लिया और अपनी सारी बचत भी लुटा दी। तीन साल के इस अंतराल में उसने लगभग 80 लाख रुपये ठगों को दे दिए। आरोपी लगातार यह भरोसा दिलाते रहे कि जैसे ही उनकी जमीन बिकेगी, वे पूरी रकम लौटा देंगे, लेकिन हकीकत में एक भी रुपया वापस नहीं किया गया।
मुलाकातें, पर चेहरा हमेशा छिपा रहा
पुलिस जाँच में यह भी सामने आया है कि इन तीन वर्षों के दौरान शिक्षक और युवती की कई बार मुलाकातें भी हुईं। वे होटलों में मिले, लेकिन हर बार युवती ने किसी न किसी बहाने से अपना चेहरा छिपाए रखा। समय के साथ, युवती के बातचीत करने का तरीका बदल गया और उसका संपर्क धीरे-धीरे कम होने लगा। तभी शिक्षक को यह अहसास हुआ कि उसके साथ बड़ा धोखा हुआ है।
पुलिस की जांच में फर्जी पहचान का खुलासा, तीन गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। जाँच में पता चला कि युवती ने अंजू चौधरी के अलावा, मंजू और सुनीता जैसे अलग-अलग फर्जी नामों का इस्तेमाल कर शिक्षक से संपर्क किया था। हमारी टीम के सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने विभिन्न मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की गहन पड़ताल की। इसके बाद, पुलिस ने सुरेश मेघवाल (29), उसकी पत्नी सुमन मेघवाल (24) और रीमा मेघवाल (23) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। प्रारंभिक जाँच में इन तीनों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर, उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने न्यायालय से इन आरोपियों के रिमांड की मांग की है ताकि ठगी की गई पूरी राशि, बैंक लेन-देन के रिकॉर्ड और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की गहराई से जाँच की जा सके। यह मामला नागौर जिले में बढ़ती साइबर ठगी के प्रति एक गंभीर चेतावनी है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।