
नागौर: नाबालिग से दुष्कर्म मामले में दोषी को 20 साल की कठोर सजा, 5 लाख जुर्माना
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, जिले की पॉक्सो कोर्ट ने एक गंभीर मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह फैसला दिया है। अदालत ने पीड़िता को राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत 5 लाख रुपये का मुआवजा देने की भी अनुशंसा की है।
मामले की पृष्ठभूमि: स्कूल से लौटते समय हुआ था अपहरण
यह मामला वर्ष 2023 का है। उस समय 15 वर्षीय पीड़िता स्कूल से टीसी लेने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वह वापस नहीं लौटी। परिजनों द्वारा काफी तलाश करने के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तो पीड़िता के पिता ने पुलिस में मामला दर्ज करवाया। शिकायत में पिता ने आरोपी पर अपनी बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने का गंभीर संदेह जताया था।
जांच और साक्ष्यों का विवरण
पुलिस की जांच में कई चौकाने वाले तथ्य सामने आए:
- पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद पीड़िता को जोधपुर से दस्तयाब किया।
- जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने पीड़िता को डरा-धमकाकर अलग-अलग स्थानों पर बंधक बनाकर रखा और उसके साथ दुष्कर्म किया।
- अभियोजन पक्ष की ओर से डीएनए रिपोर्ट, पीड़िता के बयान और चिकित्सा विशेषज्ञों के साक्ष्य कोर्ट में प्रस्तुत किए गए, जो आरोपी को दोषी साबित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण रहे।
- पुलिस ने 13 मई 2024 को मामले में आरोप पत्र पेश किया था, जिसके बाद 25 जुलाई 2024 को कोर्ट द्वारा आरोपी के खिलाफ औपचारिक आरोप तय किए गए थे।
अदालत ने सभी साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी को दोषी करार दिया। सजा सुनाते हुए कोर्ट ने पीड़िता के पुनर्वास के लिए 5 लाख रुपये के मुआवजे की अनुशंसा की है, ताकि उसे न्याय मिल सके।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।