
नागौर: जड़ाऊ कला विद्यालय में शिक्षक पुखराज गोदारा का भव्य सम्मान समारोह, 29 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त
Posted on 1 अगस्त 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, जिले के जड़ाऊ कला राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में हाल ही में एक अत्यंत भावपूर्ण और भव्य सेवानिवृत्ति एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह समारोह विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक श्री पुखराज गोदारा को समर्पित था, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी 29 वर्ष 3 माह की दीर्घ और निष्ठावान राजकीय सेवा सफलतापूर्वक पूर्ण की। इस अवसर पर विद्यालय परिवार, शिक्षा विभाग के अधिकारीगण और स्थानीय समुदाय ने एक ऐसे कर्मठ शिक्षक के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की, जिन्होंने हजारों विद्यार्थियों के जीवन को आकार दिया।
शिक्षण के तीन दशक और अमूल्य योगदान
श्री पुखराज गोदारा ने अपने लगभग तीन दशकों के शिक्षण करियर में असाधारण ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और समर्पण का परिचय दिया। उनके शांत, सरल और सहयोगी स्वभाव ने न केवल सहकर्मियों को प्रेरित किया, बल्कि विद्यार्थियों के लिए भी वे सदैव एक आदर्श मार्गदर्शक रहे। उन्होंने केवल किताबी ज्ञान तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि अपने छात्रों में सीखने की वास्तविक ललक और समग्र व्यक्तित्व विकास पर जोर दिया। उनका योगदान केवल कक्षाओं तक ही सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने विद्यालय के शैक्षिक और सह-शैक्षिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाई, जिससे विद्यालय को नई ऊँचाइयों पर ले जाने में मदद मिली।
भव्य विदाई समारोह का आयोजन
समारोह की शुरुआत पारंपरिक राजस्थानी रीति-रिवाजों के साथ हुई, जिसने पूरे माहौल को एक विशेष गरिमा प्रदान की। उपस्थित शिक्षा विभाग के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने श्री गोदारा का साफा पहनाकर, पुष्पमालाओं से स्वागत किया। इसके उपरांत, उन्हें शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया, जो उनकी लंबी और समर्पित सेवा का प्रतीक था। इस दौरान वक्ताओं ने अपने संबोधन में श्री गोदारा की सेवा भाव और शिक्षा के प्रति उनके अदम्य उत्साह की भूरि-भूरि प्रशंसा की। सभी ने एक स्वर में कहा कि उन्होंने अपनी सेवाकाल के दौरान हमेशा विद्यार्थियों के हित को सर्वोपरि रखा।
नैतिक मूल्यों और संस्कारों पर विशेष जोर
श्री गोदारा की शिक्षण शैली की एक अनूठी विशेषता यह थी कि उन्होंने शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, संस्कारों और अनुशासन की भावना विकसित करने पर विशेष जोर दिया। उनका मानना था कि केवल अकादमिक सफलता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि एक अच्छा इंसान बनना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसी कारण वे विद्यार्थियों, अभिभावकों और सहकर्मियों के बीच अत्यंत सम्मानित रहे। छात्रों ने इस अवसर पर अपने प्रिय शिक्षक के मार्गदर्शन और स्नेह को जीवनभर याद रखने की बात कही, जो उनके जीवन में एक अमिट छाप छोड़ गया है। यह उनकी शिक्षा की समग्र पद्धति का ही परिणाम था कि उनके छात्र आज समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहे हैं।
भावुक क्षण और मंगलकामनाएँ
यह समारोह कई भावुक क्षणों का गवाह बना, जब विद्यार्थियों और सहकर्मियों ने श्री गोदारा के साथ अपने अनुभव साझा किए। समारोह के बाद, ग्राम जाटावास स्थित उनके निवास पर एक स्वागत समारोह एवं प्रीतिभोज का आयोजन किया गया। इसमें क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, रिश्तेदारों, शुभचिंतकों और ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। सभी ने एक स्वर में श्री गोदारा के स्वस्थ, सुखी और दीर्घायु सेवानिवृत्त जीवन की मंगलकामनाएँ दीं। इस अवसर पर प्रधानाचार्य बुद्धाराम भींचर, व्याख्याता मंगलाराम कमेडिया, रतन सिंह, संतोष डिडेल, वरिष्ठ अध्यापक विनोद, ओमप्रकाश बोरानिया, रामदेव, लक्ष्मण झुंझाडिया, सुखदेव चौधरी, कानाराम, भंवर सिंह चारण, सुमन चौधरी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, विद्यालय स्टाफ, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। यह समारोह यह दर्शाता है कि एक शिक्षक का योगदान केवल विद्यालय की चारदीवारी तक ही सीमित नहीं होता, बल्कि वह पूरे समाज को प्रभावित करता है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।
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