
मेड़ता: डीएलएसए सचिव ने वन स्टॉप सेंटर, बाल गृह और जिला कारागार का किया औचक निरीक्षण
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हमारे मेड़ता संवाददाता के अनुसार, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों की अनुपालना में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष तारा अग्रवाल के मार्गदर्शन में एक महत्वपूर्ण निरीक्षण अभियान चलाया गया। डीएलएसए सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संजय कुमार मालवीया ने शुक्रवार को नागौर स्थित विभिन्न संस्थानों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के मुख्य बिंदु
- वन स्टॉप सेंटर: सचिव ने केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं, दस्तावेजों के रखरखाव और पीड़ित महिलाओं को प्रदान की जा रही सहायता सेवाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने वहां उपस्थित स्टाफ को नियमों के अनुसार तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए।
- राजकीय सम्प्रेषण गृह: बाल गृह में आवासित बालकों के साथ सीधे संवाद कर उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और भोजन की गुणवत्ता की जानकारी ली।
- जिला कारागार: जेल परिसर में लीगल हेल्प डेस्क और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा का निरीक्षण किया गया। बंदियों को दी जा रही निःशुल्क विधिक सहायता की प्रगति की जांच की गई।
बंदियों को कानूनी अधिकारों के प्रति किया जागरूक
निरीक्षण के दौरान डीएलएसए सचिव ने जिला कारागार में बंदियों से बातचीत की और उन्हें उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कारागार प्रशासन को साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल और भोजन की व्यवस्था में सुधार लाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। हमारी टीम के साथ बातचीत में उन्होंने जोर दिया कि विधिक सहायता हर नागरिक का अधिकार है और इसे सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।
इस निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्हें सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों को लेकर जरूरी सुझाव दिए गए हैं।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।