
राजस्थान शिक्षा विभाग: जर्जर स्कूलों पर सरकार सख्त, ग्रामीणों ने उठाई पुनर्निर्माण की मांग
Posted on 6 अगस्त 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, राज्य में बुनियादी शिक्षा के ढांचे को सुधारने के लिए सरकार द्वारा लगातार निर्देश जारी किए जा रहे हैं, बावजूद इसके धरातल पर स्थिति गंभीर बनी हुई है। हाल ही में एक मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि स्कूल भवनों की बदहाली न केवल विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, बल्कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी चिंता का विषय है।
शिक्षा विभाग के लिए चेतावनी: जर्जर स्कूल भवन
स्कूलों में कमरों की कमी और जर्जर हो चुकी इमारतों के कारण बच्चों की पढ़ाई पर गहरा असर पड़ रहा है। विभागीय रिपोर्टों और बीकानेर निदेशालय द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के बावजूद, ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्कूल भवन मरम्मत या पुनर्निर्माण की बाट जोह रहे हैं। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यदि समय रहते इन भवनों का कायाकल्प नहीं हुआ, तो शिक्षा के स्तर में गिरावट आना स्वाभाविक है।
मुख्य मांगें और स्थिति
- स्कूल भवन का पुनर्निर्माण: विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जर्जर भवनों को तुरंत गिराकर नए कक्षों का निर्माण करने की मांग की गई है।
- पहुंच मार्ग की समस्या: स्कूलों तक जाने वाले रास्तों के विवाद के कारण भी विद्यार्थियों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
- प्रशासनिक लापरवाही: ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है कि लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
शिक्षा विभाग पर दबाव
शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जयपुर सचिवालय और जिला शिक्षा अधिकारियों के स्तर से निर्देश प्राप्त होते हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर मॉनिटरिंग की कमी के कारण कार्य पेंडिंग पड़े रहते हैं। अभिभावकों ने मांग की है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत विद्यार्थियों को सुरक्षित और सुगम शैक्षणिक वातावरण प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
हमारी टीम इस मुद्दे पर नजर बनाए हुए है। विभाग द्वारा यदि इन जर्जर स्कूलों के संबंध में कोई नया बजट आवंटन या कार्य योजना जारी की जाती है, तो उसे सबसे पहले आप तक पहुँचाया जाएगा। शिक्षकों और अभिभावकों से अपील है कि वे अपने क्षेत्र के स्कूलों की जर्जर स्थिति की जानकारी संबंधित सीबीईओ (CBEO) कार्यालय में दर्ज कराएं ताकि समय रहते उचित कार्रवाई हो सके।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।