
डीडवाना में शिक्षा सुधार व भर्ती पारदर्शिता को लेकर विशाल प्रदर्शन, छात्रों ने उठाई आवाज
Posted on 25 जुलाई 2026
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डीडवाना, नागौर। जिले में शिक्षा व्यवस्था में सुधार और प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर युवाओं और छात्र संगठनों ने बीते शनिवार को एक विशाल प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रपति के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सरकार का ध्यान पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों की ओर आकर्षित करना था।
हमारे डीडवाना संवाददाता के अनुसार, डीडवाना में अंबेडकर सर्किल पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, छात्र और युवा एकत्र हुए। यहां से उन्होंने अंबेडकर सर्किल से जिला कलेक्टर कार्यालय तक शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकाला, जिसके बाद अतिरिक्त जिला कलेक्टर को विभिन्न मांगों को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया। इस प्रदर्शन में छात्र और युवा वर्ग की भागीदारी काफी उत्साहजनक रही, जो वर्तमान भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं को उजागर करती है।
पेपर लीक पर सख्त कानून और पारदर्शिता की मांग
- कठोर कानून की आवश्यकता: ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग पेपर लीक मामलों पर कठोर कानून बनाने की थी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और दोषियों को सख्त सजा मिल सके। यह मांग राज्य भर के लाखों छात्रों की आशाओं को दर्शाती है जो अपनी मेहनत से परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।
- निष्पक्ष जांच: छात्र आंदोलनों के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की गई। इसके साथ ही, आंदोलन में जान गंवाने वाले प्रत्येक छात्र के परिजनों को 1 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने की अपील भी की गई।
- संसदीय चर्चा: संगठन ने संसद में पेपर लीक के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराने, आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और पुलिस द्वारा सादी वर्दी में की गई कथित कार्रवाई की जांच की भी मांग की। यह दिखाता है कि छात्र इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना चाहते हैं।
प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली में सुधार की पहल
प्रदर्शनकारियों ने NEET UG, JEE Main सहित सभी सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। यह मांग लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ी है, जिनके लिए ये परीक्षाएं जीवन की दिशा तय करती हैं। इसके अतिरिक्त, कुछ महत्वपूर्ण सुधारों की भी मांग की गई है, जो सीधे तौर पर जयपुर सचिवालय और आरपीएससी अजमेर से संबंधित हैं:
- आवेदन शुल्क की समाप्ति: प्रतियोगी परीक्षाओं के आवेदन शुल्क को समाप्त करने की मांग की गई, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र भी बिना किसी बाधा के परीक्षा में शामिल हो सकें।
- नॉर्मलाइजेशन प्रणाली का अंत: नॉर्मलाइजेशन प्रणाली को खत्म करने की मांग उठाई गई, क्योंकि कई बार यह प्रणाली छात्रों के बीच भ्रम और असंतोष का कारण बनती है।
- निकटवर्ती परीक्षा केंद्र: अभ्यर्थियों को उनके गृह या निकटवर्ती जिले में परीक्षा केंद्र आवंटित करने की भी मांग की गई, जिससे उन्हें यात्रा संबंधी परेशानियों और अतिरिक्त खर्च से बचाया जा सके। यह सुविधा छात्रों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
- वार्षिक भर्ती कैलेंडर: केंद्र और राज्य सरकारों से सभी भर्तियों का वार्षिक कैलेंडर जारी करने और निर्धारित समय सीमा में रिक्त पदों को भरने की भी मांग की गई। यह मांग बीकानेर निदेशालय सहित सभी भर्ती एजेंसियों के लिए एक स्पष्ट रोडमैप प्रदान कर सकती है, जिससे छात्रों को अपनी तैयारी की योजना बनाने में मदद मिलेगी और भर्ती प्रक्रिया में लगने वाला अनावश्यक समय कम होगा।
इस विरोध प्रदर्शन में विभिन्न छात्र और युवा संगठन के पदाधिकारी, छात्र एवं युवा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की। यह प्रदर्शन सरकार पर भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए दबाव बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हमारी टीम भी इस मुद्दे पर लगातार नजर बनाए हुए है और छात्रों की आवाज को प्रमुखता से उठाती रहेगी।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।
