
नागौर: मातृ-शिशु स्वास्थ्य दिवस पर गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष टीकाकरण और जांच सत्र
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 'मातृ शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस' का आयोजन किया गया। इस विशेष अभियान के तहत विभिन्न उप स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य सत्र आयोजित किए गए, जिसमें गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।
स्वास्थ्य सत्र की मुख्य विशेषताएं
अभियान के दौरान चिकित्सा टीमों ने जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की। सत्र के दौरान की गई प्रमुख गतिविधियों में शामिल हैं:
- गर्भवती महिलाओं की एएनसी (ANC) जांच: पंजीकृत गर्भवती महिलाओं का हीमोग्लोबिन, वजन और ब्लड प्रेशर की जांच की गई ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते पहचाना जा सके।
- नियमित टीकाकरण: शिशुओं को उनकी आयु के अनुसार जीवन रक्षक टीके लगाए गए, जिससे उन्हें गंभीर बीमारियों से सुरक्षा मिल सके।
- स्वास्थ्य परामर्श: गर्भवती माताओं को पोषण, स्वच्छता और प्रसव पूर्व देखभाल से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान की गई।
स्वस्थ समाज का निर्माण
स्वास्थ्य विभाग के स्थानीय अधिकारियों के मार्गदर्शन में यह सत्र सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) को नियंत्रित करना है। विभाग द्वारा समय-समय पर आयोजित किए जाने वाले ये सत्र ग्रामीण महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रहे हैं।
हमारी टीम ने पाया कि इन स्वास्थ्य सत्रों में न केवल जांच और टीकाकरण किया जा रहा है, बल्कि महिलाओं को संस्थागत प्रसव के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। आने वाले दिनों में जिले के अन्य केंद्रों पर भी इसी तरह के विशेष सत्र आयोजित किए जाने की योजना है ताकि स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ अंतिम छोर तक बैठा व्यक्ति उठा सके।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।