
नागौर: बिजली बिल भुगतान के लिए घंटों कतार में लगे उपभोक्ता, तकनीकी खामी बनी मुसीबत
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, डिजिटल इंडिया के दावों के बीच शुक्रवार को जिले के बिजली उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बिल जमा कराने की अंतिम तिथि होने के कारण बिजली कार्यालयों में उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी गईं, जहाँ लोगों को घंटों पसीना बहाना पड़ा।
तकनीकी दिक्कत और जानकारी का अभाव
पिछले 15 दिनों से यूपीआई (UPI) माध्यमों में आ रही तकनीकी दिक्कतों के चलते ऑनलाइन भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह बाधित रही। 17 जुलाई को बिल जमा करने की अंतिम तिथि थी, जिसके कारण बड़ी संख्या में उपभोक्ता भुगतान करने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन ट्रांजेक्शन बार-बार फेल हो रहे थे।
उपभोक्ताओं की मुख्य समस्याएं:
- यूपीआई पर निर्भरता: अधिकांश उपभोक्ता केवल यूपीआई आधारित पेमेंट गेटवे का उपयोग कर रहे थे, जो तकनीकी खराबी के कारण काम नहीं कर रहे थे।
- जागरूकता की कमी: विभाग द्वारा पेश किए गए 'बिजली मित्र' ऐप की जानकारी आम उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच पाई है, जिससे वे वैकल्पिक साधनों का उपयोग नहीं कर सके।
- प्रचार-प्रसार का अभाव: बिजली विभाग की ओर से वैकल्पिक भुगतान माध्यमों के व्यापक प्रचार में कमी देखी गई, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ा।
दो दिनों तक लगातार प्रयास करने के बाद भी जब डिजिटल माध्यमों से भुगतान सफल नहीं हो सका, तो मजबूरन उपभोक्ताओं को बिजली कार्यालयों के चक्कर काटने पड़े। कार्यालयों में दोपहर तक भीड़ इस कदर बढ़ गई कि वहां अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो गई। उपभोक्ताओं ने सवाल उठाया है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के साथ-साथ तकनीकी समाधान और प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी भी विभाग को समय पर निभानी चाहिए थी।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।