
नागौर: उन्नत खेती और ग्रामीण उद्यमिता के लिए पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का आगाज
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) के अंतर्गत संचालित नागौर प्रौद्योगिकी विकास केंद्र (एक्सटेंशन सेंटर) और द नागौरी वेलफेयर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार से पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य और मुख्य बिंदु
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थानीय युवाओं, किसानों और उद्यमियों के कौशल विकास पर केंद्रित है। पांच दिनों तक चलने वाले इस सत्र में प्रतिभागियों को उन्नत खेती की तकनीकों और ग्रामीण परिवेश में उद्यमिता की बारीकियां समझाई जाएंगी। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण इस प्रकार हैं:
- तकनीकी ज्ञान: किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों और वैज्ञानिक खेती के तरीकों से अवगत कराया जा रहा है।
- उद्यमिता विकास: ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे स्तर के उद्योग शुरू करने और उनके प्रबंधन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
- सरकारी योजनाओं की जानकारी: एमएसएमई मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं और अनुदान के बारे में विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
- कौशल संवर्धन: प्रतिभागियों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने के लिए विशेषज्ञों द्वारा सत्र लिए जा रहे हैं, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
भविष्य की संभावनाएं
इस कार्यशाला का समापन 21 जुलाई को होगा। आयोजकों का मानना है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से न केवल युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। नागौर प्रौद्योगिकी विकास केंद्र द्वारा स्थानीय स्तर पर इस तरह के प्रयासों से खेती के साथ-साथ लघु उद्योगों के प्रति लोगों का रुझान बढ़ा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और इच्छुक उद्यमियों ने भागीदारी सुनिश्चित की है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।