
राजस्थान शारीरिक शिक्षक स्थायीकरण: नागौर के शिक्षकों की बढ़ी उम्मीदें, डीईओ को सौंपा ज्ञापन
Posted on 6 अगस्त 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, राजस्थान के शिक्षा विभाग में कार्यरत शारीरिक शिक्षकों ने अब अपने स्थायीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश भर में वंचित शिक्षकों के स्थायीकरण की मांग को लेकर जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं, जिसका सीधा असर नागौर जिले के शिक्षकों पर भी पड़ने की संभावना है।
स्थायीकरण से क्या बदलेगा?
शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद स्थायीकरण में हो रही देरी के कारण उन्हें वेतन वृद्धि और अन्य विभागीय लाभों से वंचित रहना पड़ रहा है। यदि विभाग इसे गंभीरता से लेता है, तो आने वाले समय में शिक्षकों की सेवा शर्तों में निम्नलिखित सुधार हो सकते हैं:
- वेतन निर्धारण: स्थायीकरण होने पर शिक्षकों को प्रोबेशन काल के बाद पूर्ण वेतनमान का लाभ मिलेगा।
- वरिष्ठता सूची: शिक्षा विभाग की वरिष्ठता सूची में इन शिक्षकों का नाम जुड़ने से पदोन्नति के रास्ते खुलेंगे।
- स्थानांतरण प्रक्रिया: स्थायी शिक्षक होने के बाद भविष्य में ऑनलाइन ट्रांसफर आवेदन प्रक्रिया (शाला दर्पण पोर्टल) के माध्यम से अपनी पसंद के स्थान पर जाने की पात्रता बढ़ जाएगी।
बीकानेर निदेशालय और जयपुर सचिवालय की भूमिका
सूत्रों के अनुसार, यह मामला अब बीकानेर स्थित माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के संज्ञान में है। जयपुर सचिवालय से हरी झंडी मिलने के बाद ही जिला शिक्षा अधिकारी स्तर पर फाइल को अंतिम रूप दिया जाएगा। शारीरिक शिक्षक संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि आगामी दिनों में विभाग ठोस कदम नहीं उठाता है, तो राज्यव्यापी आंदोलन किया जा सकता है।
शिक्षकों के लिए मुख्य निर्देश
नागौर जिले के सभी शारीरिक शिक्षक जो स्थायीकरण की सूची में शामिल हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे अपना डेटा 'शाला दर्पण' पोर्टल पर अपडेट रखें। किसी भी विभागीय आदेश की पुष्टि के लिए केवल आधिकारिक पोर्टल का ही अवलोकन करें। स्थानीय स्तर पर हो रहे इस घटनाक्रम से नागौर के सरकारी स्कूलों में कार्यभार और शिक्षकों की पदस्थापना में बदलाव देखने को मिल सकता है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।