
नागौर: जर्जर मकानों पर नगर परिषद सख्त, मानसून के बीच दोबारा होगा सर्वे और सत्यापन
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, शहर में मानसून की सक्रियता के बीच जर्जर हो चुके भवनों का खतरा एक बार फिर गहरा गया है। बारिश के कारण शहर के विभिन्न इलाकों में स्थित पुराने मकानों की नींव और दीवारों में दरारें चौड़ी हो रही हैं, जिससे किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। नगर परिषद ने इन हालातों को देखते हुए शहर भर में जर्जर भवनों का दोबारा सर्वे करने का निर्णय लिया है।
पिछले सर्वे के बावजूद स्थिति यथावत
बीते वर्ष नगर परिषद द्वारा कराए गए सर्वे में 38 भवनों को खतरनाक श्रेणी में चिन्हित किया गया था। उस दौरान संबंधित भवन मालिकों को नोटिस जारी कर मरम्मत करने या भवन को खाली करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, अधिकांश मामलों में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते ये भवन आज भी राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों के लिए जानलेवा बने हुए हैं।
चिंता का विषय बने संवेदनशील क्षेत्र
शहर के कई पुराने मोहल्लों में स्थिति अधिक गंभीर है। इन क्षेत्रों में मुख्य रूप से निम्नलिखित स्थानों पर जोखिम सबसे अधिक है:
- भगतावाड़ी क्षेत्र: यहाँ स्थित एक जर्जर भवन सबसे अधिक चिंता का विषय है, जहाँ घनी आबादी और बच्चों की निरंतर आवाजाही बनी रहती है।
- पुराने मोहल्ले: गूंगासा गली, सावा की गली, हीरावाड़ी, खाई गली और लोहिया चौक जैसे इलाकों में दर्जनों जर्जर मकान हैं, जिनकी छतें और दीवारें गिरने की कगार पर हैं।
प्रशासन की आगामी कार्ययोजना
नगर परिषद के कार्यवाहक आयुक्त गोविंद सिंह भींचर ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार करते हुए स्पष्ट किया है कि प्रशासन मानसून के दौरान सुरक्षा को लेकर कोई कोताही नहीं बरतेगा। उन्होंने बताया कि:
- शहर के जर्जर भवनों का पुन: सत्यापन किया जा रहा है।
- नियमों के तहत संबंधित भवन मालिकों को पुनः नोटिस जारी किए जाएंगे।
- आवश्यकता पड़ने पर इन भवनों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
- फिलहाल मानसून के दौरान दो दर्जन से अधिक भवन प्रशासन के लिए सुरक्षा की बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सुरक्षा घेराबंदी या चेतावनी बोर्ड न होने के कारण इन गलियों से गुजरना खतरे से खाली नहीं है। प्रशासन द्वारा समय रहते प्रभावी कदम न उठाए गए, तो बारिश में किसी भी समय जन-धन की हानि हो सकती है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।