
नागौर: शिक्षकों का धरना जारी, वेतन और स्थायीकरण पर अड़े
Posted on 5 अगस्त 2026
Listen News
Audio Summary
हमारे **नागौर** संवाददाता के अनुसार, प्रदेश भर के शिक्षक अपनी नियमित वेतन और स्थायीकरण की मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। बुधवार को जालोर में शिक्षक संयुक्त संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन धरना लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। शिक्षकों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपील की है।
परिवीक्षाकाल और विभागीय जांच पूरी, फिर भी अटकी प्रक्रिया
समिति के सदस्यों ने बताया कि शिक्षक भर्ती 2018, 2021 और 2022 के सैकड़ों शिक्षकों का परिवीक्षाकाल सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। रीट अंकतालिका, बाहरी डिग्री और अन्य विभागीय जांचें भी संपन्न हो चुकी हैं। इन सबके बावजूद, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा शिक्षकों के स्थायीकरण और वेतन नियमितीकरण की प्रक्रिया में अपेक्षित प्रगति नहीं की गई है, जिससे शिक्षकों में गहरा असंतोष है।
दो साल से गुहार, फिक्स वेतन पर काम करने को मजबूर
शिक्षकों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से वे जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के समक्ष अपनी बात रख रहे हैं। कई बार ज्ञापन सौंपे गए और अधिकारियों के साथ वार्ता भी हुई, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है। लगभग चार साल बीत जाने के बाद भी, कई शिक्षक अभी तक फिक्स वेतनमान पर काम करने को मजबूर हैं, जो उनकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर रहा है।
जांच पूरी हो चुके मामलों का तत्काल निपटारा हो
शिक्षक संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रशासन से मांग की है कि शिक्षक भर्ती 2018, 2021 और 2022 के सभी पात्र शिक्षकों का जल्द से जल्द स्थायीकरण और वेतन नियमितीकरण सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से, जिन शिक्षकों की विभागीय जांच पूरी हो चुकी है और जिनके विरुद्ध कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है, उनके मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाना चाहिए।
चेतावनी: मांगों पर ध्यान न देने पर आंदोलन तेज होगा
समिति के संयोजक लक्ष्मीनारायण, अध्यक्ष बहादुर सिंह और अन्य सदस्यों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया और समाधान नहीं निकाला गया, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। इस स्थिति के लिए पूरी तरह प्रशासन जिम्मेदार होगा।
मुख्य बिंदु:
- शिक्षक भर्ती 2018, 2021, 2022 के शिक्षकों का स्थायीकरण और वेतन नियमितीकरण की मांग।
- परिवीक्षाकाल और विभागीय जांच पूरी होने के बावजूद प्रक्रिया अटकी हुई।
- दो साल से अधिक समय से फिक्स वेतन पर काम करने को मजबूर शिक्षक।
- जांच पूरी हो चुके शिक्षकों के मामलों का तत्काल निपटारा करने की मांग।
- मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी।
📲 खबर पसंद आई?
अपने दोस्तों के साथ शेयर करें!

Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।