
नागौर: पुश्तैनी संपत्ति का फर्जी पट्टा बनवाकर कब्जा करने के मामले में मुकदमा दर्ज
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, शहर के ऐतिहासिक घोड़ावतों की पोल इलाके में स्थित एक पुश्तैनी संपत्ति को लेकर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। अदालत के सख्त निर्देशों के बाद कोतवाली थाना पुलिस ने इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चेन्नई निवासी एक 75 वर्षीय बुजुर्ग ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि उनकी पुश्तैनी संपत्ति पर कुछ लोगों की मिलीभगत से अवैध कब्जा करने की कोशिश की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने कूटरचित (फर्जी) दस्तावेज तैयार कर संपत्ति का पट्टा अपने नाम करवा लिया और उस पर अवैध निर्माण शुरू कर दिया।
पुलिस जांच के मुख्य बिंदु:
- अदालत का हस्तक्षेप: पुलिस ने परिवादी द्वारा अदालत में पेश किए गए इस्तगासे के आधार पर मामला दर्ज किया है।
- फर्जीवाड़ा: संपत्ति के मालिकाना हक को दर्शाने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया गया है।
- अवैध निर्माण: पुश्तैनी जमीन पर बिना किसी वैध अनुमति या मालिकाना हक के निर्माण कार्य को अंजाम दिया जा रहा था।
- कानूनी कार्रवाई: कोतवाली पुलिस ने आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल, पुलिस इस पूरे घटनाक्रम में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है और पट्टे से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन करवाया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग का कहना है कि जो भी व्यक्ति इस धोखाधड़ी में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शहर के ऐतिहासिक क्षेत्रों में इस प्रकार के भूमि विवादों को लेकर स्थानीय निवासियों में भी रोष है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।