
खींवसर में संत लिखमीदास जयंती पर भव्य कलश यात्रा, 111 प्रतिभाएं सम्मानित
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हमारे खींवसर संवाददाता के अनुसार, संत शिरोमणि लिखमीदास महाराज की 267वीं जयंती खींवसर में अत्यंत धूमधाम और उत्साह के साथ मनाई गई। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर माली समाज द्वारा विभिन्न धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें समाजबंधुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। जयंती समारोह को लेकर पूरे कस्बे में भक्तिमय माहौल देखने को मिला, और समाज के प्रतिष्ठान बंद रखकर सभी ने एकजुटता का परिचय दिया।
कार्यक्रमों की शुरुआत सुबह 7 बजे खींवसर स्थित माली समाज भवन में सुंदरकांड पाठ के साथ हुई, जिसने पूरे वातावरण को भक्ति से ओत-प्रोत कर दिया। इसके पश्चात, सुबह 10 बजे माली समाज भवन से एक भव्य कलश यात्रा और शोभायात्रा निकाली गई। यह यात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए गुजरी, जिसमें सैकड़ों की संख्या में महिलाएं अपने सिर पर कलश धारण कर शामिल हुईं। इस दौरान श्रद्धालुओं ने संत लिखमीदास महाराज के जयकारे लगाए, जिससे पूरा मार्ग गूंज उठा।
आकर्षण का केंद्र बनी संत की सजीव झांकी
- कलश यात्रा में संत लिखमीदास महाराज की एक मनमोहक और सजीव झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
- इस झांकी में संत की जीवंत प्रतिमा को अत्यंत आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिसे देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
- समाजबंधुओं ने झांकी के दर्शन कर संत के प्रति अपनी असीम श्रद्धा व्यक्त की और जयकारे लगाए।
शहर भर में हुआ भव्य स्वागत
कलश यात्रा के दौरान कस्बे में जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया। मुख्य मार्गों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली, जो इस आयोजन के प्रति समाज के लोगों के अपूर्व उत्साह को दर्शाता है। जयंती समारोह को सफल बनाने और इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए समाजबंधुओं ने अपने सभी प्रतिष्ठान बंद रखे, जो उनकी समर्पण भावना का प्रतीक था।
111 प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
कलश यात्रा के समापन के बाद, सुबह 11:30 बजे एक प्रेरणादायक प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में समाज के 111 प्रतिभावान विद्यार्थियों और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाली हस्तियों को सम्मानित किया गया। समाज के लोगों ने सम्मानित प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन किया और उन्हें भविष्य में भी इसी प्रकार बेहतर प्रदर्शन करते रहने के लिए प्रेरित किया। हमारी टीम मानती है कि ऐसे आयोजन युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
शाम को होगी भजन संध्या
जयंती समारोह के तहत शाम को एक भव्य भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। इसमें प्रसिद्ध भजन कलाकार संत लिखमीदास महाराज की महिमा का गुणगान करेंगे, और श्रद्धालु भक्तिभाव में डूबकर भजनों का आनंद लेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर भी समाजबंधुओं में उत्साह बना हुआ है।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
कलश यात्रा और शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस जाब्ता तैनात रहा। पुलिसकर्मियों ने यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखा और आयोजन को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समाज अध्यक्ष जयराम माली ने बताया कि संत लिखमीदास महाराज की जयंती को लेकर समाजबंधुओं में काफी उत्साह था। उन्होंने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर कार्यक्रमों में भाग लिया और इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में अपना पूर्ण सहयोग दिया।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।