
राजस्थान शिक्षा अपडेट: जयपुर मूक-बधिर स्कूल में बच्चों का बड़ा प्रदर्शन, प्रिंसिपल सस्पेंड
Posted on 6 अगस्त 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, राज्य में शिक्षा व्यवस्था और सरकारी स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच जयपुर के सेठ आनंदीलाल पोद्दार मूक-बधिर उच्च माध्यमिक स्कूल से एक बड़ी खबर सामने आई है। विद्यार्थियों ने अपनी समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतरकर एक मिसाल पेश की है।
प्रदर्शन की मुख्य वजहें और छात्रों का संघर्ष
बुधवार को स्कूल के दिव्यांग विद्यार्थियों ने स्कूल की बदहाल स्थिति के विरोध में मोर्चा खोल दिया। छात्रों ने इशारों में अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए बताया कि:
- स्कूल के शौचालय अत्यंत गंदे और उपयोग करने योग्य नहीं हैं।
- पेयजल का भारी संकट बना हुआ है, पानी की टंकियां खाली रहती हैं।
- विद्यालय भवन जर्जर स्थिति में है और कमरों की दीवारों में खतरनाक दरारें आ चुकी हैं।
- प्रशासनिक लापरवाही के चलते पढ़ाई का माहौल पूरी तरह बिगड़ चुका था।
शिक्षा विभाग की त्वरित कार्रवाई
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। जांच में सामने आया कि विद्यार्थियों के आरोप पूरी तरह सही थे। इसके बाद, शिक्षा विभाग ने त्वरित निर्णय लेते हुए प्रिंसिपल भरत जोशी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, एक अध्यापक और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को एपीओ (Awaiting Posting Orders) किया गया है।
क्या कहता है शिक्षा विभाग?
इस मामले पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन कर दिया गया है। यह कमेटी स्कूल की साफ-सफाई, भवन की मरम्मत और पेयजल व्यवस्था पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षकों और अभिभावकों के लिए संदेश
यह घटना राज्य के अन्य विद्यालयों के लिए भी एक चेतावनी है। बीकानेर निदेशालय और जयपुर सचिवालय से प्राप्त निर्देशों के तहत, सभी संस्था प्रधानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके विद्यालय परिसर में 'शाला दर्पण' पोर्टल पर दर्ज सुविधाओं की स्थिति धरातल पर भी दुरुस्त रहे। यदि किसी स्कूल में स्वच्छता या भवन संबंधी समस्याएं हैं, तो उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाए। आगामी समय में शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेशव्यापी औचक निरीक्षण की संभावना भी बढ़ गई है।
हमारी टीम लगातार इस मामले पर नजर बनाए हुए है। किसी भी स्कूल में सुविधाओं के अभाव की स्थिति होने पर उसे तुरंत उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाना अनिवार्य है, ताकि बच्चों की शिक्षा बाधित न हो।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।