
राजस्थान: सरकारी स्कूलों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति, हजारों पद भरे
Posted on 1 अगस्त 2026
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प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में लंबे समय से रिक्त पड़े चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पदों को भरने की कवायद अब रंग ला रही है। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2024 में शुरू की गई राज्य स्तरीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती प्रक्रिया के तहत विभिन्न जिलों में नियुक्तियां की जा रही हैं। इसी कड़ी में, हजारों चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को स्कूल आवंटित किए गए हैं, जिससे विद्यालयों की प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने में बड़ी मदद मिलेगी।
हमारी टीम को मिली जानकारी के अनुसार, इन नियुक्तियों से उन विद्यालयों को विशेष राहत मिली है जो वर्षों से कर्मचारियों के अभाव में जूझ रहे थे। शिक्षकों को अक्सर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के कार्य भी करने पड़ते थे, जिससे उनके मूल शैक्षणिक कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था।
राज्य स्तरीय भर्ती से मिली राहत
जयपुर सचिवालय से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेशभर में सरकारी विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पदों को भरने के लिए एक विशेष भर्ती अभियान चलाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं और प्रशासनिक कार्यों को सुचारु बनाना था। इस भर्ती के तहत, दस्तावेज सत्यापन और ऑनलाइन काउंसलिंग की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा किया गया, जिसके बाद मेरिट के आधार पर स्कूल आवंटन किया गया है।
शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों का मानना है कि इन नियुक्तियों से न केवल प्रशासनिक कार्य सुधरेंगे, बल्कि शिक्षकों को भी राहत मिलेगी, जिससे वे अपनी पूरी ऊर्जा शिक्षण कार्य में लगा सकेंगे। विद्यार्थियों को भी बेहतर और स्वच्छ शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।
इन कार्यों में मिलेगी मदद
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति से विद्यालयों में निम्नलिखित महत्वपूर्ण कार्यों में सुधार आएगा:
- साफ-सफाई व्यवस्था: विद्यालयों परिसर, कक्षाओं और शौचालयों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित होगी।
- पेयजल प्रबंधन: विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और उसकी उचित व्यवस्था की जा सकेगी।
- कार्यालय संचालन: डाक का आदान-प्रदान, रिकॉर्ड संधारण, फाइलों के रखरखाव जैसे कार्यालयी कार्य व्यवस्थित होंगे।
- सुरक्षा एवं निगरानी: विद्यालय परिसर की सुरक्षा और छोटी-मोटी व्यवस्थाओं की निगरानी में सहायता मिलेगी।
- शिक्षण में सहयोग: शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति मिलेगी, जिससे वे केवल शिक्षण पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
नागौर जिले पर संभावित प्रभाव
हालांकि वर्तमान में जारी नियुक्तियां टीएसपी क्षेत्रों में केंद्रित हैं, यह राज्य स्तरीय भर्ती प्रक्रिया नागौर सहित प्रदेश के अन्य जिलों में भी रिक्त पदों को भरने का मार्ग प्रशस्त करती है। हमारे **नागौर** संवाददाता के अनुसार, जिले में भी सरकारी स्कूलों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के कई पद रिक्त पड़े हैं। इस सफल भर्ती अभियान से उम्मीद है कि भविष्य में नागौर जिले के विद्यालयों को भी पर्याप्त कर्मचारी मिल सकेंगे, जिससे यहां की शैक्षणिक व्यवस्था और भी मजबूत होगी। सरकार का यह कदम शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। विद्यालयों में पर्याप्त कर्मचारियों के होने से पढ़ाई का माहौल बेहतर होगा और बच्चों को मिलने वाली सुविधाएं भी बढ़ेंगी।
शिक्षा विभाग, बीकानेर निदेशालय, इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहा है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी नियुक्तियां नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से हों। यह राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि प्रत्येक विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि राजस्थान का कोई भी विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित न रहे।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।
