
नागौर में खरीफ बुवाई 98% पूरी, 30% खेतों में नमी का इंतजार
Listen News
Audio Summary
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, जिले में मानसून की सक्रियता के बीच खरीफ फसलों की बुवाई ने रफ्तार पकड़ ली है। कृषि विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, नागौर जिले में निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 98 प्रतिशत तक बुवाई का कार्य पूरा कर लिया गया है। हालांकि, जिले के लगभग 30 प्रतिशत खेतों में अभी भी पर्याप्त नमी की कमी बनी हुई है, जिससे किसानों को आगामी बारिश का इंतजार है।
बुवाई की वर्तमान स्थिति और चुनौतियां
जिले में अनाज और तिलहन फसलों की स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, लेकिन कम बारिश चाहने वाली कुछ फसलों की बुवाई में अभी भी सुस्ती देखी जा रही है। विभाग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
- अनाज वर्ग: निर्धारित 59.22 लाख हेक्टेयर लक्ष्य के मुकाबले 46.35 लाख हेक्टेयर (78%) क्षेत्र में बुवाई हो चुकी है।
- दलहन फसलें: 41.72 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य के सामने 28.21 लाख हेक्टेयर यानी 68% क्षेत्र में बुवाई दर्ज की गई है।
- तिलहन का प्रदर्शन: तिलहन फसलों ने बेहतर प्रदर्शन किया है, जहां 27.50 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य के मुकाबले 19.99 लाख हेक्टेयर (73%) क्षेत्र में बुवाई संपन्न हो चुकी है।
मानसून का प्रभाव और किसानों की उम्मीद
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून का तीसरा दौर सक्रिय होने से उन किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है जिनके खेत अभी भी सूखे हैं। जुलाई के अंतिम दिनों में होने वाली संभावित बारिश फसलों के विकास के लिए जीवनदान साबित होगी।
प्रदेश स्तर पर ग्वार और मोठ की बुवाई अभी भी पिछड़ी हुई है। प्रदेश में ग्वार का लक्ष्य 25.50 लाख हेक्टेयर था, जिसके मुकाबले अब तक केवल 48 प्रतिशत क्षेत्र में ही काम हो सका है। इसी प्रकार मोठ की बुवाई भी 50 प्रतिशत के आंकड़े पर अटकी है। नागौर में भी ऐसी फसलों की बुवाई पर मानसून की बारिश का गहरा असर पड़ेगा। यदि आने वाले कुछ दिनों में अच्छी बारिश होती है, तो बुवाई का ग्राफ और अधिक ऊपर जाने की पूरी संभावना है।
फिलहाल, पहले से बोई गई बाजरा, मूंग और ग्वार जैसी फसलों के लिए किसानों द्वारा निरंतर निगरानी की जा रही है। कृषि विभाग ने भी किसानों को सलाह दी है कि नमी कम होने की स्थिति में फसलों की सुरक्षा के लिए उचित उपाय अपनाएं।
📲 खबर पसंद आई?
अपने दोस्तों के साथ शेयर करें!

Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।