
सलूंबर में 1300+ शिक्षक पद खाली: पढ़ाई पर गंभीर संकट
Posted on 6 अगस्त 2026
Listen News
Audio Summary
हमारे **नागौर** संवाददाता के अनुसार...
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी
सलूंबर जिले के सरकारी स्कूलों में 1300 से अधिक शिक्षक पदों की रिक्तता गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। शाला दर्पण के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, जिले के छहों ब्लॉक - सलूंबर, जयसमंद, झल्लारा, सेमारी, सराड़ा और लसाड़िया में प्राथमिक से लेकर व्याख्याता स्तर तक के महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हैं। यह स्थिति प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ी करती है।
विषय विशेषज्ञों की अनुपस्थिति चिंताजनक
कई सरकारी स्कूलों में गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी और संस्कृत जैसे अनिवार्य विषयों के लिए शिक्षकों की तैनाती नहीं है। इसके परिणामस्वरूप, कई स्कूल केवल एक या दो शिक्षकों के भरोसे संचालित हो रहे हैं, जो न केवल शिक्षकों पर अत्यधिक बोझ डाल रहा है, बल्कि छात्रों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने के अधिकार को भी प्रभावित कर रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में एक से चार शिक्षकों के पदों तक की कमी बताई जा रही है।
प्रभावित स्कूल और गांवों की सूची
जिले के सैकड़ों गांवों के सरकारी स्कूल इस शिक्षक कमी से जूझ रहे हैं। इनमें झाड़ोल, सल्लाडा, देवला, गिंगला, बेडावल, मातावेली, मोरीला, आमलोड़ा, चावंड, सेमारी, भोराईपाल, इंटाली, पालोदरा, जावद, बड़गांव, कालीघाटी, सराड़ा, लाकापा, नोली, गवाड़ापाल, सजनोट, मालपुर, धावड़ी, देवलिया सहित कई अन्य स्थान शामिल हैं।
प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर प्रयास
रिक्त पदों को भरने की दिशा में गंभीरता दिखाई दे रही है। कलेक्टर मुहम्मद जुनैद ने बताया है कि जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों की स्थिति की गहन जांच करवाई जाएगी। जिन स्कूलों में सबसे अधिक शिक्षकों की कमी है, वहां प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक प्रस्ताव राज्य सरकार और शिक्षा विभाग (बीकानेर निदेशालय) को भेजे जाएंगे, ताकि छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो।
जिला शिक्षा अधिकारी माया बजाड़ ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री के उदयपुर दौरे के दौरान इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई थी। उन्होंने बताया कि विभाग के एडिशनल डायरेक्टर ने मुख्यमंत्री को इन रिक्त पदों की गंभीर स्थिति से अवगत कराया था।
वहीं, सलूंबर विधायक शांता देवी मीणा ने कहा है कि सलूंबर विधानसभा क्षेत्र की सभी स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। उन्होंने पद भरने के लिए शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री से बातचीत की है और पदों को शीघ्र भरने के लिए प्रयास जारी हैं। इन प्रयासों के बावजूद, तत्काल समाधान की आवश्यकता है ताकि वर्तमान शैक्षणिक सत्र पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
📲 खबर पसंद आई?
अपने दोस्तों के साथ शेयर करें!

Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।