
मेड़ता रोड: रेलवे केबल चोरी मामले में तीन गिरफ्तार, पीसी रिमांड पर
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हमारे मेड़ता संवाददाता के अनुसार, मेड़ता रोड इलाके में रेलवे की संपत्ति से बिजली केबल चोरी के एक बड़े मामले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई रेलवे अधिकारियों की शिकायत पर की गई, जहां आरोपियों ने एईएन कॉलोनी के पीछे स्थित रेलवे के नलकूप से कीमती विद्युत केबल चुरा ली थी। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया और रेलवे संपत्ति की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गईं थीं।
चोरी की वारदात और शिकायत
घटना मेड़ता रोड स्थित एईएन कॉलोनी के ठीक पीछे, रेल सीमा के भीतर बने रेलवे के एक महत्वपूर्ण नलकूप परिसर में हुई। चोरों ने अंधेरे का फायदा उठाकर नलकूप को बिजली आपूर्ति करने वाली मुख्य विद्युत केबल को काट कर चुरा लिया। इस चोरी का पता चलते ही रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया। मेड़ता रोड रेलवे के वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (इलेक्ट्रिक), श्रवणराम ने तत्काल रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को एक रिपोर्ट मेमो सौंपकर मामले की जानकारी दी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। हमारी टीम को मिली जानकारी के अनुसार, इस प्रकार की केबल चोरी से न केवल रेलवे के संचालन में बाधा आती है, बल्कि लाखों रुपए का नुकसान भी होता है, जो अंततः सरकारी खजाने पर बोझ डालता है।
आरपीएफ की त्वरित कार्रवाई
शिकायत मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल हरकत में आ गई। आरपीएफ निरीक्षक किशनसिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में सहायक उप-निरीक्षक राजूलाल मीणा, हेड कांस्टेबल संजय विश्नोई और ओमप्रकाश काला जैसे अनुभवी अधिकारी व जवान शामिल थे। टीम ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया और आस-पास के क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना शुरू कर दिया।
- पहचान और गिरफ्तारी: आरपीएफ की टीम ने कड़ी मशक्कत और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की।
- गिरफ्तार आरोपी: मेड़ता रोड एईएन कॉलोनी निवासी गोपाल और रितिक के साथ-साथ छापरी खुर्द निवासी मनीष को पुलिस ने धर दबोचा। ये सभी आरोपी इस केबल चोरी की वारदात में सीधे तौर पर शामिल थे।
- जांच जारी: गिरफ्तार किए गए आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं और उन्होंने पहले भी ऐसी कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।
न्यायालय में पेशी और रिमांड
गिरफ्तारी के बाद, तीनों आरोपियों को रेलवे न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने मामले की गंभीरता और आगे की जांच की आवश्यकता को देखते हुए, उन्हें पुलिस रिमांड (PC रिमांड) पर भेज दिया है। पीसी रिमांड मिलने से आरपीएफ को आरोपियों से चोरी की गई केबल की बरामदगी, अन्य साथियों की पहचान, और इस अपराध से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण सुराग जुटाने में मदद मिलेगी। उम्मीद है कि रिमांड के दौरान कई और अहम खुलासे हो सकते हैं। हमारी टीम इस पूरे मामले पर पैनी नजर बनाए हुए है और पल-पल की अपडेट आप तक पहुंचाएगी।
रेलवे संपत्ति की सुरक्षा पर जोर
इस घटना ने एक बार फिर रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के महत्व को उजागर किया है। रेलवे सुरक्षा बल ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार प्रयासरत है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। हमारा मानना है कि ऐसी चोरियों से न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि रेलवे सेवाओं पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिससे आम जनता को परेशानी होती है। हम सभी नागरिकों से अपील करते हैं कि वे अपने आस-पास किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें ताकि ऐसी वारदातों को रोका जा सके। आरपीएफ ने यह भी स्पष्ट किया है कि रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या चोरी करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।