
नागौर: मेड़ता-डेगाना सहित कई क्षेत्रों में खुलेंगे केंद्रीय विद्यालय? सांसद ने उठाई मांग
Posted on 31 जुलाई 2026
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नागौर। हमारे **मेड़ता** संवाददाता के अनुसार, जिले के विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के द्वार खुलने की उम्मीद जगी है। हाल ही में एक प्रमुख सांसद ने नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात कर राजसमंद लोकसभा क्षेत्र, जिसमें नागौर जिले के मेड़ता और डेगाना विधानसभा क्षेत्र भी शामिल हैं, में केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय और सर्वोदय विद्यालय स्थापित करने की प्रबल मांग रखी है। यह पहल ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के छात्रों को उनके ही क्षेत्र में उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
सांसद द्वारा की गई इस मांग से मेड़ता और डेगाना जैसे क्षेत्रों में, जहां वर्तमान में नवोदय एवं सर्वोदय विद्यालय जैसी सुविधाओं का अभाव है, शिक्षा के स्तर में अभूतपूर्व सुधार आने की संभावना है। हमारी टीम लगातार इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और हम उम्मीद करते हैं कि केंद्र सरकार इस दिशा में जल्द ही सकारात्मक कदम उठाएगी।
सभी विधानसभा क्षेत्रों में केंद्रीय विद्यालय की आवश्यकता
सांसद ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से विशेष आग्रह किया कि राजसमंद लोकसभा क्षेत्र के सभी विधानसभा क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना की जाए। उनका तर्क था कि इससे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने गृह क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकेगी, जिससे उन्हें बड़े शहरों में जाकर पढ़ाई करने की मजबूरी से मुक्ति मिलेगी और आर्थिक बोझ भी कम होगा। यह ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।
कई क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्कूलों का अभाव
मुलाकात के दौरान, सांसद ने केंद्रीय मंत्री को नाथद्वारा और कुंभलगढ़ विधानसभा क्षेत्रों सहित नागौर जिले के मेड़ता और डेगाना में केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय और सर्वोदय विद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की अनुपस्थिति के बारे में अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में इन विद्यालयों की कमी के कारण छात्रों को अच्छी शिक्षा के अवसरों से वंचित रहना पड़ रहा है, जिससे उनकी प्रतिभा प्रभावित हो रही है। यह स्थिति विशेष रूप से ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों के लिए एक बड़ी चुनौती है, जो शहरों में जाकर पढ़ाई का खर्च वहन नहीं कर सकते।
ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए बेहतर भविष्य की मांग
सांसद ने जोर देकर कहा कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए इन संस्थानों की स्थापना नितांत आवश्यक है। उनका मानना है कि इन विद्यालयों के खुलने से स्थानीय छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का सीधा लाभ मिलेगा, जिससे वे देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे। केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्ट शिक्षा, अनुभवी शिक्षकों और आधुनिक सुविधाओं के लिए जाने जाते हैं। इन विद्यालयों की स्थापना से न केवल शिक्षा का स्तर सुधरेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री का सकारात्मक आश्वासन
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सांसद के सभी प्रस्तावों को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि नियमानुसार इन मांगों पर सकारात्मक विचार किया जाएगा। मंत्री के इस आश्वासन से क्षेत्र के अभिभावकों, छात्रों और शिक्षाविदों में एक नई उम्मीद जगी है। हमारी टीम का मानना है कि यदि यह पहल सफल होती है, तो यह नागौर जिले और राजसमंद लोकसभा क्षेत्र में शिक्षा के परिदृश्य को पूरी तरह बदल देगी, जिससे हजारों छात्रों का भविष्य उज्ज्वल होगा।
हमारा मानना है कि शिक्षा ही किसी भी समाज के विकास का आधार होती है, और ऐसे में इन महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थानों की स्थापना से राजस्थान के ग्रामीण अंचलों में शिक्षा के नए आयाम स्थापित होंगे। राज्य सरकार के शिक्षा विभाग, विशेषकर बीकानेर निदेशालय और जयपुर सचिवालय को भी इन प्रस्तावों पर ध्यान देना चाहिए और केंद्र सरकार के साथ मिलकर इस दिशा में आवश्यक समन्वय स्थापित करना चाहिए।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।