
जोधियासी भूमि विवाद: नायब तहसीलदार पर पक्षपात के आरोप, ग्रामीणों ने रोकी कार्रवाई की मांग
Listen News
Audio Summary
नागौर के जोधियासी गांव में भूमि विवाद को लेकर ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर नायब तहसीलदार पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का दावा है कि बिना विधिवत सुनवाई और सीमांकन किए बेदखली की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
नायब तहसीलदार पर पक्षपात का आरोप
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को संबोधित ज्ञापन में कहा है कि जोधियासी गांव के खसरा नंबर 47 से जुड़े भूमि विवाद में नायब तहसीलदार ने कथित तौर पर एक पक्ष के राजनीतिक दबाव में आकर कार्रवाई की है। उनका कहना है कि वे वर्षों से आबादी भूमि पर दुकानें, मकान और अन्य निर्माण कर कानूनी रूप से निवास कर रहे हैं और उनके पास पट्टे, पंजीकृत विक्रय पत्र तथा अन्य स्वामित्व संबंधी दस्तावेज भी मौजूद हैं।
बिना सुनवाई बेदखली का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि बिना किसी सीमांकन और तथ्यों की निष्पक्ष जांच के, केवल पटवारी की रिपोर्ट के आधार पर बेदखली की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि इस मामले से संबंधित प्रकरण राजस्थान हाईकोर्ट, सिविल न्यायालय और राजस्व न्यायालय में विचाराधीन हैं। इसके बावजूद, 23 जुलाई को मौके पर पहुंचकर बेदखली का निर्णय लिया गया, जिससे स्थानीय लोगों में रोष और तनाव व्याप्त है।
न्यायालयीन प्रक्रिया का उल्लंघन
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि विवादित भूमि से जुड़े मामले विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन होने के कारण किसी भी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध होगी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनकी ओर से प्रस्तुत आपत्तियों और स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों पर समुचित विचार नहीं किया गया।
जांच और कार्रवाई रोकने की मांग
प्रभावित पक्ष ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच किसी उच्च स्तरीय समिति से कराने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने न्यायालयों में मामला विचाराधीन रहने तक विवादित स्थल पर किसी भी प्रकार की बेदखली, तोड़फोड़ या अन्य प्रशासनिक कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की गुहार लगाई है।
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार...
📲 खबर पसंद आई?
अपने दोस्तों के साथ शेयर करें!

Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।