
नीट-यूजी में कठौती के होनहारों का जलवा: पहले ही प्रयास में हासिल की बड़ी सफलता
Posted on 19 जुलाई 2026
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हमारे डीडवाना संवाददाता के अनुसार, राजस्थान की प्रतिष्ठित नीट-यूजी परीक्षा में डीडवाना क्षेत्र के युवाओं ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। कठौती के रहने वाले महेंद्र लीलड़ और सुनील बेड़ा ने अपने पहले ही प्रयास में इस कठिन परीक्षा को उत्तीर्ण कर पूरे जिले का नाम रोशन किया है।
सेल्फ स्टडी का कमाल
इन युवाओं की सफलता ने उन सभी छात्रों के लिए एक नजीर पेश की है जो संसाधनों के अभाव में घबरा जाते हैं। महेंद्र लीलड़ के परिजनों ने बताया कि उन्होंने किसी बड़े कोचिंग संस्थान का सहारा लेने के बजाय घर पर ही रहकर पूरी निष्ठा के साथ सेल्फ-स्टडी को अपना हथियार बनाया। यह उपलब्धि साबित करती है कि यदि विद्यार्थी का लक्ष्य स्पष्ट हो और दिशा सही हो, तो सफलता निश्चित है।
अभिभावकों के लिए संदेश
सुनील बेड़ा के पिता मुकेश कुमार बेड़ा ने अन्य अभिभावकों को महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। उन्होंने कहा:
- बच्चों पर करियर का बोझ नहीं, बल्कि उन्हें उनकी रुचि के अनुसार क्षेत्र चुनने का अवसर दें।
- सफलता के लिए केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि उचित मार्गदर्शन और व्यक्तिगत स्वाध्याय (Self-study) की भूमिका सबसे अधिक होती है।
- विद्यार्थियों की व्यक्तिगत रुचि का सम्मान करने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है।
शिक्षा जगत पर असर
बीकानेर निदेशालय और जयपुर सचिवालय द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले दिशा-निर्देशों के बीच, इस तरह की सफलताएं ग्रामीण प्रतिभाओं को मुख्यधारा में आने का हौसला देती हैं। हमारी टीम का मानना है कि प्रदेश में आरपीएससी अजमेर और अन्य भर्ती परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को महेंद्र और सुनील के इस 'सेल्फ-स्टडी मॉडल' से प्रेरणा लेनी चाहिए।
ग्रामीणों ने इन होनहारों का मुंह मीठा करवाकर बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। यह परिणाम शिक्षा के प्रति ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के बढ़ते रुझान को दर्शाता है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।
