
मेड़ता रोड: रूणिचा एक्सप्रेस सहित 44 ट्रिप प्रभावित, बदला मार्ग
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रेलवे के जयपुर मंडल में हो रहे दोहरीकरण कार्य के चलते रूणिचा एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों का मार्ग बदला गया है। फुलेरा-रींगस-रेवाड़ी रेलखंड पर कुंड-पाली-खोरी स्टेशनों के मध्य चल रहे तकनीकी कार्य के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग ब्लॉक लिया जा रहा है, जिसके कारण रेल यातायात प्रभावित रहेगा। इस बदलाव से दिल्ली-जैसलमेर के बीच चलने वाली रूणिचा एक्सप्रेस की कुल 44 ट्रिप प्रभावित होंगी।
रूणिचा एक्सप्रेस का बदला मार्ग
हमारे मेड़ता संवाददाता के अनुसार, ट्रेन संख्या 14087 (रूणिचा एक्सप्रेस) अगस्त और सितंबर माह में अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग से संचालित होगी। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह ट्रेन 12 अगस्त से 24 सितंबर तक रेवाड़ी-अलवर-जयपुर-फुलेरा होकर चलेगी। रींगस मार्ग पर इसका संचालन नहीं होगा। यात्रियों की सुविधा के लिए, परिवर्तित मार्ग पर ट्रेन को अलवर, बांदीकुई, दौसा, गांधीनगर जयपुर और जयपुर जंक्शन पर ठहराव दिया जाएगा।
अन्य ट्रेनों के संचालन में भी बदलाव
यह ब्लॉक केवल रूणिचा एक्सप्रेस तक ही सीमित नहीं है। अजमेर मंडल में अजमेर-चंदेरिया रेलखण्ड पर दोहरीकरण कार्य के लिए भी नॉन-इंटरलॉकिंग ब्लॉक लिया जा रहा है। इसके चलते कई अन्य ट्रेनें भी प्रभावित रहेंगी।
- गाडी संख्या 14801 (जोधपुर-इंदौर) 4 से 8 अक्टूबर तक 5 ट्रिप रद्द रहेंगी।
- गाडी संख्या 14802 (इंदौर-जोधपुर) 4 से 9 अक्टूबर तक 6 ट्रिप रद्द रहेंगी।
- गाडी संख्या 14801 (जोधपुर-इंदौर) 16 सितंबर से 3 अक्टूबर तक 18 ट्रिप के लिए परिवर्तित मार्ग वाया मारवाड़ - अजमेर - जयपुर - सवाईमाधोपुर - रतलाम होकर संचालित होगी। इस मार्ग पर किशनगढ़, जयपुर, दुर्गापुरा, बनस्थली निवाई, सवाईमाधोपुर, कोटा, नागदा, रतलाम स्टेशनों पर ठहराव होगा।
रेल अवसंरचना का सुदृढ़ीकरण
इसी बीच, उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने रेल अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जोधपुर-फुलेरा रेलखंड के कुचामन सिटी-नया खारड़िया और कुचामन सिटी-मकराना ब्लॉक सेक्शन में 18.2 किलोमीटर का ट्रैक रिन्यूअल कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस कार्य में टाइट टॉलरेन्स स्लीपर आर टी-9007 का उपयोग किया गया है।
गति बढ़ाने की तैयारी
इस ट्रैक नवीनीकरण से रेलखंड पर ट्रेनों की अधिकतम गति 110 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़ाकर 130 किलोमीटर प्रति घंटा करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इसके साथ ही, पूरे मेड़ता-फुलेरा रेलखंड पर 60 किलोग्राम रेल बिछाने का कार्य भी पूर्ण हो गया है। इससे ट्रैक की मजबूती, स्थायित्व और गुणवत्ता में सुधार होगा, जिससे ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित और सुगम बनेगा। आधुनिक सामग्री के उपयोग से ट्रैक के रखरखाव की आवश्यकता कम होगी और परिचालन दक्षता बढ़ेगी, जो लंबी अवधि में फायदेमंद साबित होगा।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।