
नागौर के जीएसएस केंद्रों पर मॉनिटरिंग का टोटा: सालभर में मात्र 7 निरीक्षण, सुरक्षा पर सवाल
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, प्रदेश में ग्रिड सब स्टेशनों (जीएसएस) की कार्यप्रणाली को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया 'जीएसएस मॉनिटरिंग मोबाइल एप्लीकेशन' केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है। विधानसभा में ऊर्जा विभाग द्वारा दिए गए हालिया आंकड़ों से खुलासा हुआ है कि नागौर जिले में पूरे वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान इस एप्लीकेशन के जरिए मात्र सात बार ही निरीक्षण किए गए हैं, जो व्यवस्था की बदहाली को दर्शाते हैं।
निरीक्षण में उदासीनता और सुरक्षा को खतरा
नियमित निरीक्षण न होने के कारण सब स्टेशनों पर मौजूद तकनीकी खामियां समय रहते सामने नहीं आ पा रही हैं। सरकार का दावा था कि इस ऐप के माध्यम से अधिकारी ट्रांसफार्मर की कार्यक्षमता, सुरक्षा उपकरणों की स्थिति और सिविल सुविधाओं का डिजिटल रिकॉर्ड रखेंगे, जिससे जवाबदेही तय होगी। हालांकि, धरातल पर स्थिति इसके विपरीत है।
आंकड़ों में पिछड़ा अजमेर डिस्कॉम
पूरे अजमेर डिस्कॉम की स्थिति सबसे चिंताजनक बनी हुई है। डिस्कॉम के अंतर्गत आने वाले 14 वृत्तों में सालभर में कुल 512 निरीक्षण ही दर्ज किए गए। तुलनात्मक रूप से जयपुर डिस्कॉम ने 1874 निरीक्षणों के साथ बेहतर प्रदर्शन किया है।
- नागौर जिले की स्थिति: पूरे वित्तीय वर्ष में केवल 7 निरीक्षण।
- अजमेर डिस्कॉम की विफलता: प्रति वृत्त औसतन मात्र 36 निरीक्षण।
- सुरक्षा उपकरण नदारद: वीसीबी, ब्रेकर और जम्पर जैसे उपकरणों की कमी के कारण आए दिन हादसे होने का डर बना रहता है।
क्यों जरूरी था ये डिजिटल ऐप?
यह एप्लीकेशन निम्नलिखित तकनीकी और प्रशासनिक कार्यों के लिए विकसित किया गया था:
- पावर ट्रांसफार्मर की कार्यक्षमता और रखरखाव की निरंतर मॉनिटरिंग।
- सब स्टेशनों पर शौचालय, भवन और जल व्यवस्था जैसी सिविल सुविधाओं की स्थिति की जांच।
- उपकरणों में खराबी आने पर त्वरित सुधारात्मक निर्णय लेना।
- डिजिटल रिकॉर्डिंग से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निरीक्षण की प्रक्रिया महज कागजी खानापूर्ति बनकर रह जाएगी, तो उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलना चुनौतीपूर्ण होगा। अब देखना यह है कि विधानसभा में उठे इस सवाल के बाद संबंधित अधिकारी निरीक्षण प्रणाली में कितनी गंभीरता लाते हैं।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।