
केंद्रीय विद्यालय डाबला में पीटीएम: बच्चों की प्रगति और अनुशासन पर हुई महत्वपूर्ण चर्चा
Posted on 1 अगस्त 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, शिक्षा सत्र 2026-27 के दौरान विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय बीएसएफ डाबला में शिक्षक-अभिभावक बैठक (PTM) का आयोजन किया गया। इस बैठक में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने हिस्सा लिया और अपने बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विद्यालय प्रशासन के साथ विस्तृत चर्चा की।
अभिभावकों के लिए क्या है खास?
इस पीटीएम के माध्यम से शिक्षकों ने अभिभावकों को निम्नलिखित बिंदुओं पर जागरूक किया:
- शैक्षणिक प्रगति: विद्यार्थियों के वर्तमान शैक्षणिक प्रदर्शन और आगामी परीक्षाओं की तैयारियों की समीक्षा की गई।
- अनुशासन और व्यवहार: विद्यालय के अनुशासन नियमों और छात्रों के नैतिक मूल्यों को बेहतर बनाने के उपायों पर जोर दिया गया।
- सह-शैक्षणिक गतिविधियाँ: पढ़ाई के साथ-साथ स्पोर्ट्स और अन्य गतिविधियों में बच्चों की भागीदारी के महत्व को साझा किया गया।
शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देश
शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार, राज्य के सभी सरकारी और केंद्रीय विद्यालयों में समय-समय पर पीटीएम आयोजित करना अनिवार्य है ताकि 'शाला दर्पण' पोर्टल पर दर्ज डेटा और वास्तविक प्रदर्शन के बीच समन्वय बना रहे। विद्यालय प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि छात्रों की निरंतर निगरानी और घर पर पढ़ाई के माहौल को लेकर अभिभावकों का सहयोग अपेक्षित है।
अभिभावकों को दी गई सलाह
बैठक में शिक्षकों ने सलाह दी कि अभिभावक नियमित रूप से अपने बच्चों की डायरी चेक करें और विद्यालय की गतिविधियों में सक्रिय रूप से रुचि लें। बीकानेर निदेशालय और जयपुर सचिवालय से प्राप्त निर्देशों के अनुरूप, स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के संवाद कार्यक्रम आने वाले महीनों में भी जारी रहेंगे।
विद्यालय प्रशासन ने उन अभिभावकों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने अपना समय निकालकर बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव रखे। विद्यालय में अनुशासन बनाए रखने और पठन-पाठन के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए इस प्रकार की बैठकें एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम करती हैं।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।
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