
नागौर: स्कूलों के बाहर जलभराव और कीचड़ से बच्चों की सुरक्षा पर संकट, प्रशासन मौन
Posted on 7 अगस्त 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश के बाद जल निकासी की लचर व्यवस्था के कारण स्कूली बच्चों और आम नागरिकों का जीवन दूभर हो गया है। सड़कों पर जमा गंदा पानी और कीचड़ ने न केवल आवागमन को बाधित किया है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरों को भी जन्म दे दिया है।
बच्चों की सुरक्षा खतरे में
कॉलोनी मार्गों और मुख्य सड़कों पर जलभराव के कारण विद्यार्थियों को घुटनों तक भरे पानी और कीचड़ से होकर स्कूल जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूली ड्रेस और किताबें खराब होने के साथ-साथ बच्चों के गंदे पानी में फिसलकर चोटिल होने का डर हर पल बना रहता है। विशेषकर प्राथमिक विद्यालय जाने वाले नन्हें बच्चों के लिए यह स्थिति किसी बड़ी दुर्घटना को निमंत्रण देने जैसी है।
बीमारियों का बढ़ता खतरा
जलभराव के कारण होने वाली समस्याओं पर स्थानीय निवासियों ने चिंता जताई है:
- दुर्गंध और गंदगी: लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण सड़कों पर फैली दुर्गंध से आसपास के घरों में रहना मुश्किल हो गया है।
- मच्छरों का प्रकोप: स्थिर पानी मच्छरों के पनपने का मुख्य केंद्र बन गया है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य मौसमी बीमारियों के फैलने की प्रबल संभावना है।
- दुर्घटना का अंदेशा: दोपहिया वाहन चालक रोजाना कीचड़ के कारण अनियंत्रित होकर गिर रहे हैं।
पंचायत और प्रशासन की अनदेखी
ग्रामीणों ने बताया कि इस गंभीर समस्या के बारे में संबंधित ग्राम पंचायत और स्थानीय प्रशासन को कई बार लिखित में अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। पानी की निकासी का कोई स्थायी समाधान नहीं किए जाने के कारण बारिश होते ही स्थिति फिर से भयावह हो जाती है।
हमारी मांग
हम स्थानीय प्रशासन से यह मांग करते हैं कि:
- स्कूलों के रास्तों को प्राथमिकता के आधार पर साफ करवाया जाए।
- अस्थायी ड्रेनेज सिस्टम बनाकर जलभराव को तुरंत रोका जाए।
- भविष्य में इस तरह की स्थिति न बने, इसके लिए सड़कों के किनारे नालियों का निर्माण सुनिश्चित किया जाए।
शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो। यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में यह स्थिति संक्रामक रोगों का कारण बन सकती है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।