
राजस्थान RPSC का ऐतिहासिक निर्णय: अब 20 दिन में मिलेंगे भर्ती परीक्षाओं के परिणाम
Posted on 2 अगस्त 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) अजमेर ने प्रदेश के लाखों युवाओं के हित में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब एक लाख से कम अभ्यर्थियों वाली ओएमआर शीट आधारित भर्ती परीक्षाओं के परिणाम मात्र 20 दिनों के भीतर घोषित किए जाएंगे। यह कदम भर्ती प्रक्रिया में अनावश्यक देरी को रोकने और युवाओं को समय पर नियुक्तियां सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अधिकतम 90 दिनों के भीतर सभी भर्ती परीक्षाओं के परिणाम जारी कर दिए जाएंगे, भले ही उनमें अभ्यर्थियों की संख्या अधिक हो या मल्टीपल सब्जेक्ट के एग्जाम हुए हों।
भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी और पारदर्शिता
आयोग के अध्यक्ष रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। इस नई व्यवस्था का सीधा लाभ उन लाखों अभ्यर्थियों को मिलेगा जो वर्षों से भर्ती प्रक्रियाओं के पूरा होने का इंतजार करते हैं। आयोग का लक्ष्य है कि भर्ती प्रक्रियाएं समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरी हों, जिससे युवाओं का भरोसा मजबूत हो सके।
अदालती अड़चनों से बचाव की तैयारी
RPSC ने केवल परिणाम जारी करने की गति ही नहीं बढ़ाई है, बल्कि कानूनी अड़चनों से बचाव के लिए भी ठोस रणनीति बनाई है। आयोग अब एक लाख से अधिक कैंडिडेट्स वाली सभी भर्तियों में कोर्ट में 'कैविएट' दाखिल करेगा।
- क्या है कैविएट: कैविएट एक कानूनी सूचना होती है जो न्यायालय को यह सुनिश्चित करने के लिए दी जाती है कि किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ कोई भी एकतरफा आदेश या कार्रवाई न हो और उसे पहले सुना जाए। यह विरोधी पक्ष द्वारा पीठ पीछे कोर्ट से कोई स्टे या आदेश लेने से सुरक्षा प्रदान करती है।
- लाभ: कैविएट दाखिल करने से कोई भी व्यक्ति RPSC के खिलाफ कोर्ट जाकर सीधा स्टे नहीं ला पाएगा। कोर्ट किसी भी स्टे या रोक का आदेश देने से पहले RPSC का पक्ष सुनेगा, जिसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। जानकारों का मानना है कि RPSC का पक्ष सुनने के बाद 90 प्रतिशत से अधिक मामलों में आयोग की जीत हुई है, जिससे भर्ती प्रक्रियाओं में अनावश्यक देरी को रोका जा सकेगा।
'मिशन 30 दिन 30 रिजल्ट' की सफलता
आयोग ने 'मिशन 30 दिन 30 रिजल्ट' के तहत 1 से 30 जुलाई 2026 तक 30 से अधिक भर्ती परीक्षाओं के परिणाम घोषित किए हैं। इस सफलता से उत्साहित होकर, आयोग ने आगामी 30 दिनों में भी 30 से अधिक परिणाम जारी करने की योजना बनाई है। आगामी 10 अक्टूबर तक आयोग द्वारा आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं के 90 प्रतिशत परिणाम घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे युवाओं को जल्द से जल्द नियुक्तियां मिल सकें।
आंतरिक प्रक्रियाओं में सुधार
आयोग मैनेजमेंट ने परिणाम जारी करने की पूरी प्रक्रिया का गहन आकलन किया है। इसमें परीक्षा केंद्र से लेकर ओएमआर शीट की जांच और परिणाम घोषणा तक के हर चरण में होने वाली देरी की कमियों को चिह्नित कर उन्हें दूर किया गया है। इन सुधारों के परिणामस्वरूप, अब भर्ती परीक्षाओं के परिणाम कम समय में और त्रुटि रहित ढंग से जारी किए जा सकेंगे।
आयोग की वर्तमान स्थिति
हालांकि आयोग ने अपनी कार्यप्रणाली में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं, लेकिन इसमें अभी भी अध्यक्ष के स्थायी पद सहित तीन सदस्य पद रिक्त हैं। वर्तमान में केसरी सिंह कार्यवाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। आयोग में छह सदस्य अयूब खान, सुशील कुमार बिस्सू, हेमंत प्रियदर्शी, दीपक कुमार शर्मा और संतोष आनंद कार्य कर रहे हैं। वहीं, सचिव का पद भी रिक्त है, जिसका अतिरिक्त कार्यभार मुख्य परीक्षा नियंत्रक आशुतोष गुप्ता को सौंपा गया है। इन चुनौतियों के बावजूद, आयोग प्रदेश के युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।

