
नावां रेलवे ओवरब्रिज बंद: नमक कारोबार ठप, व्यापारियों ने मुख्यमंत्री से की मरम्मत की मांग
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हमारे नावां संवाददाता के अनुसार, आज, सोमवार, 3 अगस्त 2026 को नावां शहर में पिछले दो माह से बंद पड़े क्षतिग्रस्त रेलवे ओवरब्रिज की मरम्मत और इसे यातायात के लिए जल्द खोलने की मांग को लेकर व्यापारियों, नमक कारोबारियों और शहरवासियों ने एक बड़ा कदम उठाया। इन सभी ने एकत्रित होकर मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा, जिसमें पुल के बंद होने से उत्पन्न हुई गंभीर आर्थिक और सामाजिक परेशानियों को उजागर किया गया।
दो माह से बंद पुल, जनजीवन प्रभावित
व्यापारियों ने उपखंड अधिकारी को अवगत कराया कि गर्ल्स स्कूल चौराहा और सांभर चौराहा के बीच स्थित यह महत्वपूर्ण रेलवे ओवरब्रिज लगभग दो माह से बंद पड़ा है। इस कारण रोडवेज और निजी बसों सहित सभी प्रकार के भारी यातायात को बाईपास मार्ग से होकर गुजरना पड़ रहा है। इस व्यवस्था के चलते शहर के मुख्य बाजार में आने वाले यात्रियों और ग्राहकों की संख्या में भारी गिरावट आई है, जिसका सीधा असर छोटे से लेकर बड़े सभी दुकानदारों के कारोबार पर पड़ रहा है। कई छोटे व्यापारियों के सामने तो अब अपनी आजीविका चलाने का संकट खड़ा हो गया है।
नमक कारोबार पर सबसे गहरा असर
ज्ञापन में विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि नावां देश के प्रमुख नमक उत्पादक क्षेत्रों में से एक है। यह ओवरब्रिज बंद होने से नमक के परिवहन पर सबसे अधिक और गंभीर असर पड़ा है। हजारों टन नमक का उत्पादन करने वाले इस क्षेत्र में माल की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे व्यापारियों को अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में अतिरिक्त समय और बहुत अधिक परिवहन लागत उठानी पड़ रही है। यह स्थिति न केवल नमक व्यापारियों को प्रभावित कर रही है, बल्कि ट्रांसपोर्टरों और इस विशाल उद्योग से जुड़े हजारों श्रमिकों की आजीविका पर भी सीधा संकट पैदा कर रही है। हमारी टीम ने स्थानीय नमक उत्पादकों से बात की, जिन्होंने बताया कि इस व्यवधान के कारण उन्हें न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी साख खोने का डर सता रहा है।
सैकड़ों व्यापारी और हजारों श्रमिक आजीविका के संकट में
नावां के व्यापारियों का कहना है कि ओवरब्रिज के बंद रहने से सैकड़ों दुकानदारों, स्थानीय व्यापारियों और इस क्षेत्र से जुड़े हजारों श्रमिकों की आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो नावां को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, जिसकी भरपाई करना मुश्किल होगा। स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले व्यापारिक प्रतिष्ठान और उनसे जुड़े परिवार गहरे संकट में हैं।
युद्ध स्तर पर मरम्मत और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग
ज्ञापन में प्रशासन से पुरजोर मांग की गई है कि:
- रेलवे ओवरब्रिज की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए और युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य शुरू किया जाए।
- जितनी जल्दी हो सके, इस ओवरब्रिज को यातायात के लिए पुनः खोला जाए।
- मरम्मत कार्य पूरा होने तक आमजन और व्यापारिक गतिविधियों को सुचारु रखने के लिए एक प्रभावी वैकल्पिक यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों की परेशानी कम हो सके।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में व्यापारी, नमक कारोबारी, दुकानदार और शहरवासी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की। व्यापारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया तो शहर का व्यापार और भी अधिक प्रभावित होगा और वे आगे भी आंदोलन के लिए विवश होंगे। हम, डेली डंडोरा की टीम, इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और प्रशासन से जल्द समाधान की अपील करते हैं।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।