
डेगाना में बाजरे की फसल पर लीफ स्पॉट रोग का हमला, पैदावार पर मंडराया संकट
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हमारे डेगाना संवाददाता के अनुसार, जिले में हुई अच्छी बारिश के बाद बाजरे की फसल में नमी के कारण रोगों का खतरा बढ़ गया है। क्षेत्र के कई खेतों में बाजरे की पत्तियों पर 'लीफ स्पॉट' (पत्ती धब्बा) रोग के लक्षण पाए गए हैं। कृषि विभाग की टीम ने स्थिति का जायजा लिया है और किसानों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
क्या है लीफ स्पॉट रोग?
यह एक फफूंदजनित रोग है जो पौधे की प्रकाश संश्लेषण क्षमता को कम कर देता है। इसके प्रभाव से फसल की बढ़वार रुक जाती है और दानों की गुणवत्ता खराब हो जाती है।
- लक्षण: पत्तियों पर भूरे, पीले या गहरे रंग के गोल/अनियमित धब्बे उभरना।
- कारण: लगातार नमी, बारिश और खेतों में अधिक आर्द्रता।
- नुकसान: संक्रमण अधिक होने पर पत्तियां सूखने लगती हैं, जिससे कुल उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है।
कृषि विभाग की सलाह और बचाव के उपाय
कृषि विभाग के सहायक निदेशक शंकर राम सियाग ने बताया कि किसानों ने इस वर्ष जिले में लक्ष्य से अधिक, यानी 1,56,600 हेक्टेयर में बाजरे की बुवाई की है। रोग को शुरुआती अवस्था में नियंत्रित करना बेहद आवश्यक है।
नियंत्रण हेतु महत्वपूर्ण सुझाव:
- सामान्य प्रकोप: मैनकोजेब 75% WP (2.5 ग्राम प्रति लीटर) या हेक्साकोनाजोल 5% EC (1 मिली प्रति लीटर) का छिड़काव करें।
- अधिक प्रकोप: एजॉक्सीस्ट्रोबिन 18.2% + डाइफेनोकोनाजोल 11.4% SC (1 मिली प्रति लीटर) का प्रयोग करें।
- सावधानी: छिड़काव हमेशा सुबह या शाम के समय करें। आवश्यकता पड़ने पर 10-15 दिन बाद दोबारा छिड़काव करें।
विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि खेत की नियमित निगरानी करें और लक्षण दिखते ही निकटतम कृषि कार्यालय से संपर्क करें। समय पर वैज्ञानिक उपचार ही फसल को बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकता है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।